{"_id":"6ad3d5f81e00fdd23107189e","slug":"ban-on-community-feast-bhandara-at-devraha-baba-cave-temple-pac-deployed-deoria-news-c-208-1-deo1013-194635-2026-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: देवरहा बाबा गुफा मंदिर में भंडारे पर रोक, पीएसी तैनात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: देवरहा बाबा गुफा मंदिर में भंडारे पर रोक, पीएसी तैनात
Sun, 18 Oct 2026 01:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 18 Oct 2026 01:39 AM IST
विज्ञापन
देहरहा बाबा आश्रम पर तैनात पुलिस फोर्स।
मईल। देवरहा बाबा गुफा मंदिर में महंत बालमुकुंद दास के निधन के बाद पूजा-अर्चना और उनकी स्मृति में रविवार को प्रस्तावित भंडारे पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। मंदिर के स्वामित्व और प्रबंधन को लेकर दो पक्षों में विवाद के मद्देनजर परिसर में एक प्लाटून पीएसी और पुलिस बल फोर्स तैनात की गई है।
दोनों पक्षों से आयोजन नहीं करने का लिखित आश्वासन भी लिया गया है। देवरहा बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर श्याम सुंदर दास और मंदिर को ट्रस्ट कमेटी के अधीन बताने वाला दूसरा पक्ष 18 अक्तूबर को भंडारा करना चाहता था। प्रशासन ने दोनों को आयोजन नहीं करने के निर्देश दिए थे।
पीठाधीश्वर श्याम सुंदर दास का कहना है कि बाबा के नाम से संचालित संस्थाएं द्वारिकाधीश धर्मार्थ ट्रस्ट के अधीन हैं। महंत बालमुकुंद दास उनके गुरु भाई थे। उनकी स्मृति में गुफा मंदिर परिसर में भंडारा प्रस्तावित था। उन्होंने प्रशासन पर अनुमति के बावजूद रोक लगाने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
वहीं, कार्यकारिणी अधिकारी गोपाल दास के अनुसार, 14 सदस्यीय कमेटी मंदिर की पूजा-अर्चना और संपत्ति की देखरेख करती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1994 में बालमुकुंद दास को महंत बनाया गया था मगर मार्च 2023 में आय-व्यय का हिसाब नहीं देने के आरोप में उन्हें पद से हटा दिया गया था। दोनों पक्ष मंदिर के प्रबंधन पर अपना अधिकार जता रहे हैं।
विज्ञापन
दोनों पक्षों से आयोजन नहीं करने का लिखित आश्वासन भी लिया गया है। देवरहा बाबा आश्रम के पीठाधीश्वर श्याम सुंदर दास और मंदिर को ट्रस्ट कमेटी के अधीन बताने वाला दूसरा पक्ष 18 अक्तूबर को भंडारा करना चाहता था। प्रशासन ने दोनों को आयोजन नहीं करने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
पीठाधीश्वर श्याम सुंदर दास का कहना है कि बाबा के नाम से संचालित संस्थाएं द्वारिकाधीश धर्मार्थ ट्रस्ट के अधीन हैं। महंत बालमुकुंद दास उनके गुरु भाई थे। उनकी स्मृति में गुफा मंदिर परिसर में भंडारा प्रस्तावित था। उन्होंने प्रशासन पर अनुमति के बावजूद रोक लगाने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
वहीं, कार्यकारिणी अधिकारी गोपाल दास के अनुसार, 14 सदस्यीय कमेटी मंदिर की पूजा-अर्चना और संपत्ति की देखरेख करती है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1994 में बालमुकुंद दास को महंत बनाया गया था मगर मार्च 2023 में आय-व्यय का हिसाब नहीं देने के आरोप में उन्हें पद से हटा दिया गया था। दोनों पक्ष मंदिर के प्रबंधन पर अपना अधिकार जता रहे हैं।