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Deoria News: श्रीराम का राज्याभिषेक होते ही गूंजे जयघोष
Thu, 26 Mar 2026 11:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 26 Mar 2026 11:34 PM IST
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सिद्धार्थनगर। शहर के अवेद्यनाथ सभागार में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के सातवें दिन बुधवार रात का दृश्य अत्यंत भावपूर्ण और अलौकिक रहा। कथा के दौरान जब भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग प्रस्तुत किया गया तो पूरा सभागार ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति में सराबोर होकर इस दिव्य क्षण का आनंद लेते नजर आए और पूरा वातावरण राममय हो गया।
कथावाचक संत गौरव कृष्ण शास्त्री ने अपनी मधुर और प्रभावशाली वाणी में श्रीराम के राज्याभिषेक प्रसंग का सजीव चित्रण किया। उन्होंने बताया कि श्रीराम का राजतिलक केवल सत्ता प्राप्ति का प्रतीक नहीं बल्कि धर्म, सत्य और न्याय पर आधारित आदर्श शासन व्यवस्था की स्थापना का संदेश है। उन्होंने कहा कि रामराज्य में सभी को समान अधिकार और सम्मान प्राप्त था, जहां जनकल्याण सर्वोपरि था।
श्रीराम का जीवन मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज में समरसता, शांति और विकास संभव है। कथा के दौरान उन्होंने श्रोताओं को मर्यादा, त्याग और कर्तव्य पालन के महत्व से भी अवगत कराया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, तालियों और जयकारों से सभागार गूंजता रहा।
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कथावाचक संत गौरव कृष्ण शास्त्री ने अपनी मधुर और प्रभावशाली वाणी में श्रीराम के राज्याभिषेक प्रसंग का सजीव चित्रण किया। उन्होंने बताया कि श्रीराम का राजतिलक केवल सत्ता प्राप्ति का प्रतीक नहीं बल्कि धर्म, सत्य और न्याय पर आधारित आदर्श शासन व्यवस्था की स्थापना का संदेश है। उन्होंने कहा कि रामराज्य में सभी को समान अधिकार और सम्मान प्राप्त था, जहां जनकल्याण सर्वोपरि था।
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श्रीराम का जीवन मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज में समरसता, शांति और विकास संभव है। कथा के दौरान उन्होंने श्रोताओं को मर्यादा, त्याग और कर्तव्य पालन के महत्व से भी अवगत कराया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, तालियों और जयकारों से सभागार गूंजता रहा।
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