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Deoria News: खतरे की स्थिति में तेज आवाज को बनाएं हथियार
Fri, 25 Nov 2022 03:02 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 25 Nov 2022 03:02 PM IST
सार
आत्मसुरक्षा प्रशिक्षण शिविर में करीब 540 छात्राएं सम्मिलित रहीं। मुख्य अतिथि तहसीलदार अश्वनी कुमार ने कहा कि तात्कालिक निर्णय के लिए पढ़ाई अत्यंत जरूरी है। शिक्षित महिलाएं ही समाज को नया आयाम दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं अन्याय को सहन करने की जगह उसका विरोध करें। जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद भी ले सकती हैं।
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बरहज के पंडित विश्वनाथ त्रिपाठी शिक्षण संस्थान में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित करते म?
- फोटो : DEORIA
विस्तार
नगर स्थित पंडित विश्वनाथ त्रिपाठी शिक्षण संस्थान में बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में अपराजिता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट धारी प्रियंका कुमारी और राष्ट्रीय खिलाड़ी देवेश चौरसिया ने छात्राओं को बचाव के तौर-तरीके बताए।
उनका कहना था कि खतरे की स्थिति में तेज आवाज निकालना भी हथियार का काम करता है। विषम परिस्थितियों में डरें नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करें। छात्राओं को पेन, हेयर पिन, बैग, पानी की बोतल आदि को हथियार बनाकर खतरों से निपटने की व्यावहारिक जानकारी दी।
आत्मसुरक्षा प्रशिक्षण शिविर में करीब 540 छात्राएं सम्मिलित रहीं। मुख्य अतिथि तहसीलदार अश्वनी कुमार ने कहा कि तात्कालिक निर्णय के लिए पढ़ाई अत्यंत जरूरी है। शिक्षित महिलाएं ही समाज को नया आयाम दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं अन्याय को सहन करने की जगह उसका विरोध करें। जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद भी ले सकती हैं।
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इससे पूर्व गणमान्यों ने सरस्वती चित्र पर पुष्प अर्चन और दीप प्रज्ज्वलित किया। रजनी ने सरस्वती वंदना वीणा वादिनी वर दे... और स्वागत गीत ज्योति से ज्योति जलाते चलो...प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को संस्था संचालक अरविंद त्रिपाठी, एसआई हवलदार राम, प्रधानाचार्य रामगोपाल सोनकर, सतीश शुक्ल, शंभूनाथ आदि ने संबोधित किया। इस दौरान स्नेहा मौर्या, हरीश चंद्र पांडेय, अर्चना वर्मा, आकृति तिवारी, संतोषी चौहान, सुमन शुक्ला, सलोनी चौरसिया, शिखा आदि मौजूद रहीं।
आत्मसुरक्षा प्रशिक्षण शिविर में अचानक हमलों से कैसे निपटा जाए। इसकी जानकारी मिली है। जागरुकता के लिए ऐसे कार्यक्रम हमेशा आयोजित होना चाहिए।
-नेहा यादव
स्कूली बैग, हेयर पिन, पेन और जरूरत पड़ने पर तेज आवाज हथियार हो सकते हैं। प्रशिक्षण में यह पता चला है। इससे आत्मविश्वास बढ़ा है। आपात स्थिति डटकर मुकाबला किया जा सकता है।
-नैंसी सिंह
आत्मसुरक्षा को लेकर ज्यादा सचेत रहेंगे। संकट के दौर में उनसे निपटने के जो तरीके बताए गए हैं। उन पर भरपूर अमल किया जाएगा। अन्य सहेलियों और घर के सदस्यों को भी जागरूक किया जाएगा।
-साक्षी पांडेय
सुनसान जगहों पर अक्सर हम छात्राओं को छींटाकशी का सामना करना पड़ता है। ऐसा करने वालों को खुलकर जवाब दिया जाएगा। आसपास रहने वाले लोगों को भी आत्मसुरक्षा के तरीके बताए जाएंगे।
-सफीना
कार्यक्रम की जितनी सराहना की जाए कम है। पहली बार इस तरह का कार्यक्रम देखने और सीखने को मिला है। आत्मसुरक्षा के बताए गए गुर को अमल में लाते हुए औरों को भी जागरूक किया जाएगा।
-गोल्डी यादव
आत्मबल बढ़ाने में मदद मिली है। कार्यक्रम में बहुत कुछ सुनने और सीखने को मिला है। महिलाओं और छात्राओं को आत्मसबल बनाने के लिए किया जा रहा प्रयास काफी प्रशंसनीय है।
-सिद्धि तिवारी
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उनका कहना था कि खतरे की स्थिति में तेज आवाज निकालना भी हथियार का काम करता है। विषम परिस्थितियों में डरें नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करें। छात्राओं को पेन, हेयर पिन, बैग, पानी की बोतल आदि को हथियार बनाकर खतरों से निपटने की व्यावहारिक जानकारी दी।
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आत्मसुरक्षा प्रशिक्षण शिविर में करीब 540 छात्राएं सम्मिलित रहीं। मुख्य अतिथि तहसीलदार अश्वनी कुमार ने कहा कि तात्कालिक निर्णय के लिए पढ़ाई अत्यंत जरूरी है। शिक्षित महिलाएं ही समाज को नया आयाम दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं अन्याय को सहन करने की जगह उसका विरोध करें। जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद भी ले सकती हैं।
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इससे पूर्व गणमान्यों ने सरस्वती चित्र पर पुष्प अर्चन और दीप प्रज्ज्वलित किया। रजनी ने सरस्वती वंदना वीणा वादिनी वर दे... और स्वागत गीत ज्योति से ज्योति जलाते चलो...प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को संस्था संचालक अरविंद त्रिपाठी, एसआई हवलदार राम, प्रधानाचार्य रामगोपाल सोनकर, सतीश शुक्ल, शंभूनाथ आदि ने संबोधित किया। इस दौरान स्नेहा मौर्या, हरीश चंद्र पांडेय, अर्चना वर्मा, आकृति तिवारी, संतोषी चौहान, सुमन शुक्ला, सलोनी चौरसिया, शिखा आदि मौजूद रहीं।
आत्मसुरक्षा प्रशिक्षण शिविर में अचानक हमलों से कैसे निपटा जाए। इसकी जानकारी मिली है। जागरुकता के लिए ऐसे कार्यक्रम हमेशा आयोजित होना चाहिए।
-नेहा यादव
स्कूली बैग, हेयर पिन, पेन और जरूरत पड़ने पर तेज आवाज हथियार हो सकते हैं। प्रशिक्षण में यह पता चला है। इससे आत्मविश्वास बढ़ा है। आपात स्थिति डटकर मुकाबला किया जा सकता है।
-नैंसी सिंह
आत्मसुरक्षा को लेकर ज्यादा सचेत रहेंगे। संकट के दौर में उनसे निपटने के जो तरीके बताए गए हैं। उन पर भरपूर अमल किया जाएगा। अन्य सहेलियों और घर के सदस्यों को भी जागरूक किया जाएगा।
-साक्षी पांडेय
सुनसान जगहों पर अक्सर हम छात्राओं को छींटाकशी का सामना करना पड़ता है। ऐसा करने वालों को खुलकर जवाब दिया जाएगा। आसपास रहने वाले लोगों को भी आत्मसुरक्षा के तरीके बताए जाएंगे।
-सफीना
कार्यक्रम की जितनी सराहना की जाए कम है। पहली बार इस तरह का कार्यक्रम देखने और सीखने को मिला है। आत्मसुरक्षा के बताए गए गुर को अमल में लाते हुए औरों को भी जागरूक किया जाएगा।
-गोल्डी यादव
आत्मबल बढ़ाने में मदद मिली है। कार्यक्रम में बहुत कुछ सुनने और सीखने को मिला है। महिलाओं और छात्राओं को आत्मसबल बनाने के लिए किया जा रहा प्रयास काफी प्रशंसनीय है।
-सिद्धि तिवारी