चेचक से एक और की मौत, दो नए मरीज मिले
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देसही देवरिया के पिपरा मदन गोपाल गांव में चेचक का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। 22 दिन के भीतर बुधवार को गांव में चेचक से एक और व्यक्ति की मौत से लोग डर गए हैं।
सूचना के बाद पहुंचे सीएमओ को गांववालों ने घेर लिया। लापरवाही का आरोप लगाते हुए गांव के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया।
गांव के राजनाथ 25 वर्ष की चेचक से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। इसके साथ ही गांव के तमाम लोग चेचक की चपेट में थे।
चार दिन पूर्व मामले की जानकारी होने पर स्वास्थ्य महकमें के जिम्मेदार गांव में पहुंचे। जानकारी ली, लेकिन रोकथाम के कोई उपाय नहीं किया। इसके चलते पीड़ितों की संख्या बढ़ने लगी। बुुधवार की सुबह चेचके से पीड़ित गांव के जुड़ावन 55 वर्ष की मौत हो गई।
गांव के लोगों ने पीएचसी देसही देवरिया और सीएमओ को सूचना दी। सूचना के काफी देर बाद शाम चार बजे सीएमओ डॉ. डीके सिंह पिपरा मदन गोपाल पहुंचे।
इसके चलते गांव के लोग आक्रोशित थे। सीएमओ ने बताया कि गंदगी की वजह से यह बीमारी फैल रही है। इस पर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।
लोगों का कहना था कि टीकाकरण और दवा वितरण नहीं कराकर सलाह देने की क्या जरूरत है? गांव के लोगों के गुस्से को देखते हुए सीएमओ लौट आए।
गांव के लोगों ने जुड़ावन के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है। उनका कहना है कि मृतक के परिवार को मुआवजा मिलने और रोकथाम के उपाय होने पर शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव के लोगों का यह भी कहना था कि सूचना के बाद भी पीएचसी के जिम्मेदार नहीं आ रहे हैं।