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निजी एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म होने से मरीज की मौत का आरोप
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निजी एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म होने से मरीज की मौत का आरोप
एंबुलेंस चालक-ऑपरेटर बोले- नहीं खत्म हुई थी ऑक्सीजन, परिजन खुद घटा-बढ़ा रहे थे
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर कारखाना(देवरिया)। बुखार से पीड़ित युवक को लेकर मेडिकल कॉलेज गोरखपुर लेकर जा रही एंबुलेंस की ऑक्सीजन रास्ते में ही खत्म हो गई। मृत शख्स के घरवालों ने आरोप लगाया कि आक्सीजन खत्म होने से मरीज ने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। वहीं गोरखनाथ पुलिस का कहना है कि चालक-ऑपरेटर ने बयान दिया है कि ऑक्सीजन खत्म नहीं हुई थी। परिजन ही ऑक्सीजन घटा-बढ़ा रहे थे।
थाना क्षेत्र के हरपुर गांव निवासी सूरज (18) पुत्र स्व. रमेश ठाकुर एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे। परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कर रखा था। जांच में टाइफाइड होने की पुष्टि हुई। चाचा के अनुसार, रविवार रात लगभग दो बजे उसकी हालत खराब हो गई। हालत गंभीर होते देख चिकित्सकों ने सूरज को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। चिकित्सकों ने मरीज को ऑक्सीजन युक्त एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी थी।
इस पर उन्होंने भतीजे सीटू ठाकुर के साथ मिलकर देवरिया से एक प्राइवेट एंबुलेंस बुक की। एंबुलेंस वाले ने वाहन में पर्याप्त ऑक्सीजन होने की बात कही और मरीज को ले जाने की हामी भरी। प्राइवेट एंबुलेंस से मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज के लिए निकल पड़े।
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गोरखपुर में एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म हो गई। चालक व ऑपरेटर को यह जानकारी दी गई। इसके बाद वे दोनों वाहन रोककर भाग गए। ऑक्सीजन की कमी से थोड़ी देर बाद ही सूरज की मौत हो गई। सूचना 112 नंबर पर दी गई। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने एंबुलेंस को कब्जे में लेकर गोरखनाथ पुलिस को सौंप दिया। वहीं शव घर को घर ले आया गया। सोमवार को छोटी गंडक नदी किनारे उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वहीं गोरखनाथ थाने के इंस्पेक्टर रामाज्ञा सिंह ने बताया कि एंबुलेंस चालक और ऑपरेटर ने पुलिस को ऑक्सीजन होने की बात बताई। जांच में यह बात सही मिली। ऐसे में दोनों से लिखित लेकर उन्हें एंबुलेंस के साथ जाने दिया गया। जरूरत पड़ने पर उन्होंने जांच में सहयोग की बात कही है।
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एंबुलेंस चालक-ऑपरेटर बोले- नहीं खत्म हुई थी ऑक्सीजन, परिजन खुद घटा-बढ़ा रहे थे
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर कारखाना(देवरिया)। बुखार से पीड़ित युवक को लेकर मेडिकल कॉलेज गोरखपुर लेकर जा रही एंबुलेंस की ऑक्सीजन रास्ते में ही खत्म हो गई। मृत शख्स के घरवालों ने आरोप लगाया कि आक्सीजन खत्म होने से मरीज ने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। वहीं गोरखनाथ पुलिस का कहना है कि चालक-ऑपरेटर ने बयान दिया है कि ऑक्सीजन खत्म नहीं हुई थी। परिजन ही ऑक्सीजन घटा-बढ़ा रहे थे।
थाना क्षेत्र के हरपुर गांव निवासी सूरज (18) पुत्र स्व. रमेश ठाकुर एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे। परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कर रखा था। जांच में टाइफाइड होने की पुष्टि हुई। चाचा के अनुसार, रविवार रात लगभग दो बजे उसकी हालत खराब हो गई। हालत गंभीर होते देख चिकित्सकों ने सूरज को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। चिकित्सकों ने मरीज को ऑक्सीजन युक्त एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी थी।
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इस पर उन्होंने भतीजे सीटू ठाकुर के साथ मिलकर देवरिया से एक प्राइवेट एंबुलेंस बुक की। एंबुलेंस वाले ने वाहन में पर्याप्त ऑक्सीजन होने की बात कही और मरीज को ले जाने की हामी भरी। प्राइवेट एंबुलेंस से मरीज को लेकर मेडिकल कॉलेज के लिए निकल पड़े।
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गोरखपुर में एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म हो गई। चालक व ऑपरेटर को यह जानकारी दी गई। इसके बाद वे दोनों वाहन रोककर भाग गए। ऑक्सीजन की कमी से थोड़ी देर बाद ही सूरज की मौत हो गई। सूचना 112 नंबर पर दी गई। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने एंबुलेंस को कब्जे में लेकर गोरखनाथ पुलिस को सौंप दिया। वहीं शव घर को घर ले आया गया। सोमवार को छोटी गंडक नदी किनारे उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वहीं गोरखनाथ थाने के इंस्पेक्टर रामाज्ञा सिंह ने बताया कि एंबुलेंस चालक और ऑपरेटर ने पुलिस को ऑक्सीजन होने की बात बताई। जांच में यह बात सही मिली। ऐसे में दोनों से लिखित लेकर उन्हें एंबुलेंस के साथ जाने दिया गया। जरूरत पड़ने पर उन्होंने जांच में सहयोग की बात कही है।