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Deoria News: वायरल इंफेक्शन व बुखार से कान पर दाने हों तो हो जाएं सतर्क

Mon, 27 May 2024 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Mon, 27 May 2024 12:37 AM IST
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alert for paralysis
कान की नसों के कमजोर होने पर चेहरे के लकवे की रहती है आशंका
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समय से इलाज से ठीक हो सकता है चेहरे पर लकवा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। वायरल इंफेक्शन, बुखार के साथ चेहरे पर दाने, कान के बाहरी हिस्से पर दाने हो जाएं तो सतर्क रहने की जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है और चेहरे पर लकवा मार सकता है। यह दिक्कत कान की नस के कमजोर होने से होती है। तत्काल इलाज कराने से यह ठीक हो सकता है। देर करने पर इसे ठीक होने में लंबा समय लग सकता है।
मेडिकल कॉलेज में चेहरे के लकवा के मरीज आ रहे हैं। शहर के रामनाथ देवरिया मोहल्ला निवासी एक महिला इस बीमारी से पीड़ित है। उसका इलाज चल रहा है। उसे तेज आवाज बर्दाश्त नहीं होती थी। एक माह पहले वह बुखार से पीड़ित हो गई। सिर भारी और कान में दर्द था। दवा डाली पर आराम नहीं मिला। चेहरे पर गोल चकत्ता निकल आया। सुबह सो कर उठी और मुंह धोकर कुल्ला की तो दिक्कत होने लगी। 21 अप्रैल को पिवकोल स्थित एक निजी अस्पताल पहुंची, जहां 15 दिन इलाज कराई। आराम नहीं मिलने पर छह मई को शहर के एक निजी अस्पताल में दिखाई। राहत नहीं मिलने पर 22 मई को मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में डॉक्टर को दिखाई। उसकी एक आंख पूरी तरह बंद नहीं हो थी, ललाट, सिर में एक तरफ खिंचाव, ऐंठन महसूस हो रहा थी। कान के पास नस दर्द कर रही थी। परीक्षण करने के बाद डॉक्टर ने भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया।
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डॉक्टर के मुताबिक, उसकी हालत में कुछ सुधार हो रहा है, लेकिन अभी उसका इलाज चलेगा। महिला की आंख की भी जांच कराई गई।
कोट
वायरल इंफेक्शन, चिकन पाॅक्स, हर्पिज, गलसुइया से पीड़ित होने पर कुछ लोगाें की फेसियल नसें प्रभावित हो जाती हैं। बुखार होने और कान के बाहरी हिस्से पर दाने, कान में दर्द होकर बुखार आने व चेहरे पर दाने निकल आएं तो सतर्क हो जाना चाहिए। ये फेसियल नसों को प्रभावित कर देते हैं। इससे तीन से पांच दिन के अंदर चेहरे पैरालाइसिस (लकवा) की चपेट में आ सकते हैं। यह जिस हिस्से को प्रभावित करता है, उस तरफ की आंख खुली रहती है। आंख से पानी आता है। मुंह भी टेढ़ा हो जाता है। हवा भरने पर मुंह से निकल जाता है। पानी भी एक तरफ से गिर जाता है।
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हेड इंजरी में कान की हड्डी टूटने से भी चेहरे पर लकवा मारने की आशंका रहती है। लक्षण दिखने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। देर करने पर हमेशा के लिए दिक्कत बनी रह सकती है। तत्काल नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए। दो से तीन दिन में इलाज शुरू करने पर जल्द ठीक हो सकता है।
-डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता, नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ
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