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Deoria News: हर दुकान तक पहुंच गया मिलावटी खोआ, जांच में कहीं पकड़ा नहीं गया
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देवरिया। होली नजदीक आते ही बाजारों में खोआ की आमद तेज हो गई है। शहर से लेकर कस्बों तक लगभग हर मिठाई की दुकान पर खोआ पहुंच चुका है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के बावजूद अब तक कहीं भी संदिग्ध या मिलावटी खोआ पकड़ा नहीं गया है।
जिले में हर महीने करीब 250 टन खोआ की खपत होती है। सबसे अधिक खोआ गोरखपुर के जरिए कानपुर से आता है। होली और दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर यह खपत बढ़कर 400 से 500 टन तक पहुंच जाता है। दिवाली में खोआ की कई खेप पकड़ी गई थी। अब तक रोडवेज की बसों से ही देवरिया बस स्टेशन पर खोआ की खेप आती थी। इसके अलावा कानपुर से प्रयागराज, वाराणसी होते हुए देवरिया से गुजरने वाली एक एक्सप्रेस ट्रेन से भी इसकी खेप आती थी, लेकिन इस बार अभी तक एक भी बार खोआ नहीं पकड़ा गया है। धंधे से जुड़े लोग बताते हैं कि पिछले साल बार-बार मामले पकड़े जाने के बाद धंधेबाजों ने इस बार तरीका बदला है।
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प्राइवेट बसों व गाड़ियों से आ रही है खोआ की खेप
जिले में इस बार सिर्फ कानपुर ही नहीं, बल्कि आगरा से भी बड़ी मात्रा में खोआ मंगाया जा रहा है। मिठाई कारोबारियों के अनुसार होली के दौरान मांग कई गुना बढ़ जाती है, इसलिए बाहरी जनपदों से सप्लाई मंगानी पड़ती है। पहले रोडवेज की बसों के जरिए खोआ आ रहा था, लेकिन इस बार ट्रेंड बदला है। आगरा के रास्ते आने वाली प्राइवेट बसों से माल आता है। बैतालपुर के पास इसे उतारकर देवरिया और अन्य कस्बों में भेजा जाता है। ताज्जुब यह है कि शहर के सभी प्रमुख बाजारों के अलावा ग्रामीण इलाकों की दुकानों में खोआ से बनी मिठाइयां उपलब्ध हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे सप्लायर से ही माल ले रहे हैं। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के हाथ सफलता नहीं लग रही है। टीम कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।
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कोट
पिछली कार्रवाइयों से धंधेबाजों में डर बढ़ा है। इसलिए इस बार मिलावटी सामानों की बिक्री में कमी आई है। मिलावटी खोआ पकड़ने के लिए टीमें लगी हैं। भोर में भी टीम बस स्टेशन व कई संभावित जगहों पर जांच कर चुकी है।
राजीव कुमार मिश्र, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, देवरिया
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जिले में हर महीने करीब 250 टन खोआ की खपत होती है। सबसे अधिक खोआ गोरखपुर के जरिए कानपुर से आता है। होली और दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर यह खपत बढ़कर 400 से 500 टन तक पहुंच जाता है। दिवाली में खोआ की कई खेप पकड़ी गई थी। अब तक रोडवेज की बसों से ही देवरिया बस स्टेशन पर खोआ की खेप आती थी। इसके अलावा कानपुर से प्रयागराज, वाराणसी होते हुए देवरिया से गुजरने वाली एक एक्सप्रेस ट्रेन से भी इसकी खेप आती थी, लेकिन इस बार अभी तक एक भी बार खोआ नहीं पकड़ा गया है। धंधे से जुड़े लोग बताते हैं कि पिछले साल बार-बार मामले पकड़े जाने के बाद धंधेबाजों ने इस बार तरीका बदला है।
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प्राइवेट बसों व गाड़ियों से आ रही है खोआ की खेप
जिले में इस बार सिर्फ कानपुर ही नहीं, बल्कि आगरा से भी बड़ी मात्रा में खोआ मंगाया जा रहा है। मिठाई कारोबारियों के अनुसार होली के दौरान मांग कई गुना बढ़ जाती है, इसलिए बाहरी जनपदों से सप्लाई मंगानी पड़ती है। पहले रोडवेज की बसों के जरिए खोआ आ रहा था, लेकिन इस बार ट्रेंड बदला है। आगरा के रास्ते आने वाली प्राइवेट बसों से माल आता है। बैतालपुर के पास इसे उतारकर देवरिया और अन्य कस्बों में भेजा जाता है। ताज्जुब यह है कि शहर के सभी प्रमुख बाजारों के अलावा ग्रामीण इलाकों की दुकानों में खोआ से बनी मिठाइयां उपलब्ध हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे सप्लायर से ही माल ले रहे हैं। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के हाथ सफलता नहीं लग रही है। टीम कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।
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पिछली कार्रवाइयों से धंधेबाजों में डर बढ़ा है। इसलिए इस बार मिलावटी सामानों की बिक्री में कमी आई है। मिलावटी खोआ पकड़ने के लिए टीमें लगी हैं। भोर में भी टीम बस स्टेशन व कई संभावित जगहों पर जांच कर चुकी है।
राजीव कुमार मिश्र, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, देवरिया