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Deoria News: बीएसए के नहीं रहने से लटक गया स्कूलों में एडमिशन
Sat, 28 Feb 2026 12:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:36 AM IST
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देवरिया। बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जारी उठापठक के चलते आरटीई के तहत निजी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश का मामला लटक गया था। शुक्रवार को नवागत बीएसए डायट प्राचार्य अनिल कुमार सिंह ने इस मामले के परीक्षण के बाद ही कोई निर्णय लेने की बात कही है। इसके चलते अभी बच्चों को प्रवेश के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।
बेसिक शिक्षा विभाग निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन के जरिए पात्र बच्चों को प्रवेश दिलाता है। इसमें प्रवेश के दौरान फीस का खर्च सरकार उठाती है। जिले के करीब 4.5 हजार सीटों पर प्रवेश के लिए प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इसमें 754 बच्चों ने आवेदन किया था। इसकी चयन प्रक्रिया को पूरा करने वाले पात्र मिले 524 बच्चों का चयन कर लिया गया, लेकिन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव पर शिक्षक कृष्णमोहन सिंह द्वारा आत्महत्या से पूर्व लगाए गए गंभीर आरोपों के चलते मामला लटक गया। बीएसए सोमवार को जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत होने के बाद कार्यालय नहीं पहुंचीं। प्रथम चरण में चयनित बच्चोंं के प्रवेश के पत्र पर हस्ताक्षर नहीं हो पाया है। वहीं दूसरे चरण के प्रवेश के लिए आवेदन मांग लिए गए हैं। इससे रिक्त सीटों को लेकर स्पष्ट स्थिति नहीं बन पा रही है।
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अभी मैंने कार्यभार ग्रहण किया है। इसलिए आरटीई के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश समेत किसी भी प्रकरण में परीक्षण के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।
- अनिल कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी, देवरिया
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बेसिक शिक्षा विभाग निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन के जरिए पात्र बच्चों को प्रवेश दिलाता है। इसमें प्रवेश के दौरान फीस का खर्च सरकार उठाती है। जिले के करीब 4.5 हजार सीटों पर प्रवेश के लिए प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इसमें 754 बच्चों ने आवेदन किया था। इसकी चयन प्रक्रिया को पूरा करने वाले पात्र मिले 524 बच्चों का चयन कर लिया गया, लेकिन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव पर शिक्षक कृष्णमोहन सिंह द्वारा आत्महत्या से पूर्व लगाए गए गंभीर आरोपों के चलते मामला लटक गया। बीएसए सोमवार को जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत होने के बाद कार्यालय नहीं पहुंचीं। प्रथम चरण में चयनित बच्चोंं के प्रवेश के पत्र पर हस्ताक्षर नहीं हो पाया है। वहीं दूसरे चरण के प्रवेश के लिए आवेदन मांग लिए गए हैं। इससे रिक्त सीटों को लेकर स्पष्ट स्थिति नहीं बन पा रही है।
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अभी मैंने कार्यभार ग्रहण किया है। इसलिए आरटीई के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश समेत किसी भी प्रकरण में परीक्षण के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।
- अनिल कुमार सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी, देवरिया