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Deoria News: मूर्ति विसर्जन के बाद घाटों पर सामान बटोरने की होड़
Mon, 26 Oct 2026 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 26 Oct 2026 12:32 AM IST
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बरहज के कपरवार स्थित राप्ती तट पर मूर्ति विसर्जन के बाद फैला कचरा
बरहज। मां दुर्गा की मूर्तियों को भावभीनी विदाई के बाद कपरवार के राप्ती नदी तट स्थित उग्रसेन सेतु पर आस्था का एक अलग ही दृश्य देखने को मिल रहा है। विसर्जित मूर्तियों से कपड़े, आभूषण और बांस की खपची निकालने की होड़ मची है।
घाट और पुल पर बिखरी पूजन सामग्री स्वच्छता के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। कहीं लोग उपयोगी सामान समेट रहे हैं तो कहीं पूजन सामग्री पैरों तले रौंदी जा रही है। कपरवार स्थित उग्रसेन सेतु के पास करीब 450 मूर्तियों का विसर्जन हुआ। इसके बाद कुछ लोग नाव और अन्य साधनों से मूर्तियों के अवशेष किनारे लाकर उनसे सामान निकालते दिखे।
नदी तट पर बिखरी पूजन सामग्री के उचित निस्तारण की व्यवस्था नहीं दिख रही है। घाटों पर हुड़दंग और मादक पदार्थों के सेवन की शिकायतों ने भी चिंता बढ़ाई है। जानकारों का कहना है कि विसर्जन के बाद घाटों की नियमित सफाई और पूजन सामग्री के निस्तारण की व्यवस्था जरूरी है। इससे आस्था की गरिमा बनाए रखने के साथ राप्ती नदी को प्रदूषण से बचाया जा सकेगा।
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घाट और पुल पर बिखरी पूजन सामग्री स्वच्छता के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। कहीं लोग उपयोगी सामान समेट रहे हैं तो कहीं पूजन सामग्री पैरों तले रौंदी जा रही है। कपरवार स्थित उग्रसेन सेतु के पास करीब 450 मूर्तियों का विसर्जन हुआ। इसके बाद कुछ लोग नाव और अन्य साधनों से मूर्तियों के अवशेष किनारे लाकर उनसे सामान निकालते दिखे।
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नदी तट पर बिखरी पूजन सामग्री के उचित निस्तारण की व्यवस्था नहीं दिख रही है। घाटों पर हुड़दंग और मादक पदार्थों के सेवन की शिकायतों ने भी चिंता बढ़ाई है। जानकारों का कहना है कि विसर्जन के बाद घाटों की नियमित सफाई और पूजन सामग्री के निस्तारण की व्यवस्था जरूरी है। इससे आस्था की गरिमा बनाए रखने के साथ राप्ती नदी को प्रदूषण से बचाया जा सकेगा।
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