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ग्राम प्रधानों का उत्पीड़न
Updated Wed, 13 Sep 2017 11:49 PM IST
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देवरिया। ग्राम प्रधान संघ ने उत्पीड़न और परफॉर्मेंस ग्रांट के निकासी से रोक हटाने की मांग की। उनका कहना था कि साजिश के तहत पंचायत प्रतिनिधियों को फंसाया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों के लिए स्पेशल स्वच्छता टीम गठित की जाए। मनरेगा मजदूरों का बकाया भुगतान अविलंब करे। आठ सूत्रीय मांगपत्र एसडीएम सदर को दिया।
जिलाध्यक्ष राजेश मिश्र की अगुवाई में ग्राम प्रधानों की जुटान बुधवार को सिविल लाइंस में हुई। जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे। मांगपत्र में कहा गया है कि ग्राम प्रधानों का उत्पीड़न हो रहा है। फर्जी मामलों में पुलिस केस दर्ज कर रही है। रामपुर बुजुर्ग के पारस चौहान, बहोर के रणन्जय और परोहा के ग्राम प्रधान और उनके परिवार पर गलत तरीके से एफआईआर दर्ज है। पुलिस की कार्यशैली से ग्राम प्रधानों में डर है। इस दौरान आरिफ सिद्दीकी पोलन, संदेश यादव, पिंकी मिश्र, लाल नयन सिंह, एसके पाठक, कमलेश त्रिपाठी आदि रहे।
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जिलाध्यक्ष राजेश मिश्र की अगुवाई में ग्राम प्रधानों की जुटान बुधवार को सिविल लाइंस में हुई। जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे। मांगपत्र में कहा गया है कि ग्राम प्रधानों का उत्पीड़न हो रहा है। फर्जी मामलों में पुलिस केस दर्ज कर रही है। रामपुर बुजुर्ग के पारस चौहान, बहोर के रणन्जय और परोहा के ग्राम प्रधान और उनके परिवार पर गलत तरीके से एफआईआर दर्ज है। पुलिस की कार्यशैली से ग्राम प्रधानों में डर है। इस दौरान आरिफ सिद्दीकी पोलन, संदेश यादव, पिंकी मिश्र, लाल नयन सिंह, एसके पाठक, कमलेश त्रिपाठी आदि रहे।
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