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कैंसर का ऑपरेशन कराने में असमर्थ युवक ने खुदकुशी की
Updated Mon, 26 Jun 2017 10:19 PM IST
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सलेमपुर। कैंसर का इलाज कराने में असमर्थ युवक ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। इसकी जानकारी होने पर गांववालों की भीड़ रेलवे ट्रैक पर जुट गई। मौके से एक सुसाइड नोट मिला है।
लार थाने के बिरखौली गांव निवासी रजनीश यादव 2007 से कैंसर से पीड़ित था। इस वजह से उसके सिर में काफी दर्द हुआ करता था। इलाज वाराणसी के बीएचयू में हो रहा था। 19 जून को वह बीएचयू गया था। डॉक्टर ने ऑपरेशन में लाखों रुपये का खर्च बताया था। आर्थिक रूप से कमजोर रजनीश ऑपरेशन कराने में असमर्थता जाहिर करते हुए घर चला आया। सुबह घरवालों से थोड़ी देर में वापस आने की बात कह निकला। करीब नौ बजे वाराणसी-भटनी रेलखंड पर धनौती ढाले के पास वाराणसी की ओर से आ रही इंटरसिटी एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान दे दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने कुछ दूरी पर पड़ा सुसाइड नोट बरामद किया। इसमें रजनीश ने लिखा था कि मेरे सिर में बहुत दर्द होता है। इलाज कराते-कराते थक चुका है। इसलिए अपनी मर्जी से खुदकुशी कर रहा हूं। इसमें मेरे घर वालों का कोई दोष नहीं है। कोतवाल विजय गौर ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर आत्महत्या की वजहों की जांच की जा रही है।
मां-बाप मुझे माफ करना
आर्थिक तंगी से मैं बीमारी का इलाज नहीं करा सकता हूं। इसलिए मेरे पास दूसरा कोई चारा नहीं है। मां-बाप मुझे माफ करना। आप लोग रोना मत, मै सिर दर्द से तंग आ गया हूं। आप लोग मेरे मां-बाप और भाई-बहन को रोने मत दीजिएगा।
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दो भाइयों में छोटा था युवक
रजनीश दो भाइयों में छोटा था। बड़ा भाई लल्लन सहजौर चौराहा पर कोचिंग सेंटर चलाता है। पिता रमानंद यादव खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बीमार होने के कारण अभी तक रजनीश की शादी नहीं हो सकी थी। उसके मौत से घर वालों में कोहराम मच गया।
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लार थाने के बिरखौली गांव निवासी रजनीश यादव 2007 से कैंसर से पीड़ित था। इस वजह से उसके सिर में काफी दर्द हुआ करता था। इलाज वाराणसी के बीएचयू में हो रहा था। 19 जून को वह बीएचयू गया था। डॉक्टर ने ऑपरेशन में लाखों रुपये का खर्च बताया था। आर्थिक रूप से कमजोर रजनीश ऑपरेशन कराने में असमर्थता जाहिर करते हुए घर चला आया। सुबह घरवालों से थोड़ी देर में वापस आने की बात कह निकला। करीब नौ बजे वाराणसी-भटनी रेलखंड पर धनौती ढाले के पास वाराणसी की ओर से आ रही इंटरसिटी एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान दे दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने कुछ दूरी पर पड़ा सुसाइड नोट बरामद किया। इसमें रजनीश ने लिखा था कि मेरे सिर में बहुत दर्द होता है। इलाज कराते-कराते थक चुका है। इसलिए अपनी मर्जी से खुदकुशी कर रहा हूं। इसमें मेरे घर वालों का कोई दोष नहीं है। कोतवाल विजय गौर ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर आत्महत्या की वजहों की जांच की जा रही है।
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मां-बाप मुझे माफ करना
आर्थिक तंगी से मैं बीमारी का इलाज नहीं करा सकता हूं। इसलिए मेरे पास दूसरा कोई चारा नहीं है। मां-बाप मुझे माफ करना। आप लोग रोना मत, मै सिर दर्द से तंग आ गया हूं। आप लोग मेरे मां-बाप और भाई-बहन को रोने मत दीजिएगा।
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दो भाइयों में छोटा था युवक
रजनीश दो भाइयों में छोटा था। बड़ा भाई लल्लन सहजौर चौराहा पर कोचिंग सेंटर चलाता है। पिता रमानंद यादव खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बीमार होने के कारण अभी तक रजनीश की शादी नहीं हो सकी थी। उसके मौत से घर वालों में कोहराम मच गया।