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आयुष्मान लाभार्थियों की अब बायोमेट्रिक जांच

Tue, 04 Jun 2019 10:48 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jun 2019 10:48 PM IST
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आयुष्मान लाभार्थियों की अब बायोमेट्रिक जांच
आयुष्मान लाभार्थियों की अब बायोमेट्रिक जांच
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इलाज से पहले और बाद लाभार्थी की होगी जांच, रुकेगी धांधली
पारदर्शी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनाया नया फंडा
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत योजना में धांधली रोकने के लिए नया फंडा अपनाया है। अब लाभार्थियों को इलाज के पूर्व और छुट्टी के समय बायोमेट्रिक जांच की जाएगी। यह योजना से जुड़ी नई पहल है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके। आयुष्मान योजना के अंतर्गत चयनित प्राइवेट अस्पताल संचालक कागजों में लाभार्थियों का इलाज कर सरकार से भुगतान करा लेते थे। देवरिया में रामलक्षन का गरिमा अस्पताल संचालक ऐसा किया था, लेकिन पकड़ में आ गया। अभी तक इसकी जांच चल रही है। इस पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य महकमा नया नियम अपनाया है। सरकारी और चयनित प्राइवेट अस्पतालों पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से जुड़ी मशीनें उपलब्ध रहेंगी। अस्पताल संचालकों को इसके लिए पत्र जारी कर दिया गया है। नई पहल शुरू होने से योजना के नाम पर होने वाली गड़बड़ी पर ब्रेक लगेगा। मरीज को भर्ती करते समय बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। डिस्चार्ज होने के दौरान भी मरीज का बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन होगा। मरीजों का अंगूठा या अंगुलियों का निशान के अलावा आंखों के रेटिना का भी सत्यापन किया जाएगा।

आयुष्मान योजना में जिले के आठ सरकारी और नौ प्राइवेट अस्पताल चयनित किए गए हैं। इसमें जिला अस्पताल पुरुष, जिला अस्पताल महिला, सीएचसी पथरदेवा, सीएचसी देसही देवरिया, सीएचसी गौरीबाजार, सीएचसी सलेमपुर, सीएचसी रुद्रपुर और प्राइवेट में सावित्री नर्सिंग होम बरहज रोड, आबिदा अस्पताल ट्यूबवेल कालोनी, बाबा राघवदास अस्पताल राघवनगर, आरके अस्पताल रुद्रपुर, सेवाश्रम अस्पताल रुद्रपुर, आशुतोष अस्पताल रुद्रपुर, गरिमा अस्पताल रामलक्षन, चौहान अस्पताल गौरीबाजार, सीटी अस्पताल औराचौरी शामिल है। इन अस्पतालों पर मरीजों का इलाज भी हो रहा है। एसीएमओ डॉ. एसएन सिंह ने बताया कि बायोमेट्रिक सिस्टम के लिए सभी अस्पताल संचालकों को पत्र भेज दिया गया है। बहुत जल्द यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। इससे योजना और क्लेम लेने में पारदर्शिता बरकरार रहेगी।
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805 मरीजों को मिल चुका है इलाज
आयुष्मान भारत योजना में जिले के पात्रता के आधार पर 103450 परिवार शामिल हैं। इस योजना के तहत 836 मरीजों ने इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, 805 मरीजों को इलाज मिला। 776 मरीजों को क्लेम में भी मिल चुका है।
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आयुष्मान योजना का मिलेगा लाभ
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार पात्रता का चयन कर लोगों का नाम आयुष्मान भारत योजना में जोड़ा गया था। जनगणना में गड़बड़ी होने के कारण योजना से अधिकांश पात्र लोग वंचित हो गए थे। बाद में प्रदेश सर्वे कराया और वंचित लोगों को जोड़ा। करीब सात हजार लोगों का गोल्डन कार्ड पहुंच गया है जो मुख्यमंत्री जन अरोग्य अभियान के तहत शामिल है। बहुत जल्द इसका वितरण सीएचसी मुख्यालय से कराया जाएगा।
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