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तीन सौ मीटर धंसा नरायनपुर असवनपार मार्ग
Updated Sat, 02 Sep 2017 10:52 PM IST
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रुद्रपुर/एकौना। गोर्रा और राप्ती नदी का जलस्तर घटते ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कटान तेज हो गई है। नरायनपुर-असवनपार मार्ग करीब 300 मीटर तक धंस गया। नवनिर्मित सड़क कई हिस्सों में करीब 20 फीट नीचे तक धंस गई है। पचलड़ी और करहकोल मार्ग पर कटे भागड़ा नाला के करीब लोग जान जोखिम में डालकर पार कर रहे हैं। बाढ़ के पानी में हिलोर मारने पर नाव में सवार लोग सहम जा रहे हैं।
शनिवार को गोर्रा और राप्ती नदी का जलस्तर लाल निशान के नीचे आ गए। जलस्तर घटते ही हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बंधों और मुख्य सड़कों पर कटान तेज हो गया है। नरायनपुर से असवनपार मार्ग को जाने वाली सड़क 15 जगह पूरी तरह से धंस चुकी है। रास्ता पार करने के लिए लोगों को बोट और नाव का सहारा लेना पड़ रहा। बजरंग चौराहे से एकौना को जाने वाली सड़क तीन जगह भीषण कट चुकी है। दोआबा के 52 गांवों में एक-दूसरे गांव से संपर्क सड़क कट गए है। जलस्तर नीचे जाने के साथ बंधे और सड़क भी बैठने लगे हैं। ऐसे में प्रशासन को हालात ठीक करने में काफी समय लग जाएगा। दो दिनों से हो रही बारिश से बंधों पर शरण लिए लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। बंधों पर कीचड़ से बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री जाने में दिक्कतें हो रही हैं। शनिवार की सुबह बारिश के कारण पचलड़ी ईश्वरपुरा, पचलड़ी बेलवा बांध पर लंच पैकेट नहीं पहुंच पाया। बाढ़ पीड़ित सामानों की खरीदारी करने के लिए खतरनाक ढंग से नाव पर सवार होकर यात्रा कर रहे है। जिससे बड़ी घटना होने की संभावना बनी है।
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शनिवार को गोर्रा और राप्ती नदी का जलस्तर लाल निशान के नीचे आ गए। जलस्तर घटते ही हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बंधों और मुख्य सड़कों पर कटान तेज हो गया है। नरायनपुर से असवनपार मार्ग को जाने वाली सड़क 15 जगह पूरी तरह से धंस चुकी है। रास्ता पार करने के लिए लोगों को बोट और नाव का सहारा लेना पड़ रहा। बजरंग चौराहे से एकौना को जाने वाली सड़क तीन जगह भीषण कट चुकी है। दोआबा के 52 गांवों में एक-दूसरे गांव से संपर्क सड़क कट गए है। जलस्तर नीचे जाने के साथ बंधे और सड़क भी बैठने लगे हैं। ऐसे में प्रशासन को हालात ठीक करने में काफी समय लग जाएगा। दो दिनों से हो रही बारिश से बंधों पर शरण लिए लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। बंधों पर कीचड़ से बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री जाने में दिक्कतें हो रही हैं। शनिवार की सुबह बारिश के कारण पचलड़ी ईश्वरपुरा, पचलड़ी बेलवा बांध पर लंच पैकेट नहीं पहुंच पाया। बाढ़ पीड़ित सामानों की खरीदारी करने के लिए खतरनाक ढंग से नाव पर सवार होकर यात्रा कर रहे है। जिससे बड़ी घटना होने की संभावना बनी है।
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