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मेडिकल कालेज की सड़क के लिए तोड़े गए 17 आवास, दो गैराज और संघ भवन
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मेडिकल कालेज की सड़क के लिए तोड़े गए 17 आवास, दो गैराज और संघ भवन
देवरिया। महर्षि देवराहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की सड़क के लिए रविवार को जिला प्रशासन ने सरकारी आवासों पर बुलडोजर चलाया। एक के बाद एक 17 कर्मचारियों के आवास जमींदोज कर दिए गए। आवासों के अलावा दो गैराज और दो संघ भवनों को भी धराशायी कर दिया गया।
महारानी चंडिका छात्रावास के बगल में राजस्व विभाग की जमीन पर नलकूप विभाग ने अपने यहां कार्यरत चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के रहने के आवास बनवाया था। इसमें 17 आवास और दो गैराज थे। इसके अलावा कर्मचारियों का दो संघ भवन भी था। इन भवनों को पीडब्लूडी ने निप्रयोज्य घोषित किया था। पांच दिन पहले जिला प्रशासन की ओर से यहां रह रहे सभी कर्मचारियों को आवास खाली करने की सूचना दी गई थी। ज्यादातर कर्मचारियों ने अपना सामान किराए के मकान में शिफ्ट कर लिया था। रविवार की सुबह नायब तहसीलदार पुलिस फोर्स के साथ दो जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों ने विरोध किया लेकिन प्रशासन के सख्त तेवर के आगे उनकी एक न चली। दोपहर तक सभी आवास जमींदोज कर दिए गए। इस बाबत नलकूप विभाग के एक्सईएन विक्रांत वर्मा ने कहा कि आवास राजस्व विभाग की जमीन पर बना था। पीडब्लूडी ने इसे निष्प्रयोज्य घोषित किया था। कर्मचारियों को आवास खाली करने की सूचना दे दी गई थी।
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देवरिया। महर्षि देवराहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की सड़क के लिए रविवार को जिला प्रशासन ने सरकारी आवासों पर बुलडोजर चलाया। एक के बाद एक 17 कर्मचारियों के आवास जमींदोज कर दिए गए। आवासों के अलावा दो गैराज और दो संघ भवनों को भी धराशायी कर दिया गया।
महारानी चंडिका छात्रावास के बगल में राजस्व विभाग की जमीन पर नलकूप विभाग ने अपने यहां कार्यरत चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के रहने के आवास बनवाया था। इसमें 17 आवास और दो गैराज थे। इसके अलावा कर्मचारियों का दो संघ भवन भी था। इन भवनों को पीडब्लूडी ने निप्रयोज्य घोषित किया था। पांच दिन पहले जिला प्रशासन की ओर से यहां रह रहे सभी कर्मचारियों को आवास खाली करने की सूचना दी गई थी। ज्यादातर कर्मचारियों ने अपना सामान किराए के मकान में शिफ्ट कर लिया था। रविवार की सुबह नायब तहसीलदार पुलिस फोर्स के साथ दो जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों ने विरोध किया लेकिन प्रशासन के सख्त तेवर के आगे उनकी एक न चली। दोपहर तक सभी आवास जमींदोज कर दिए गए। इस बाबत नलकूप विभाग के एक्सईएन विक्रांत वर्मा ने कहा कि आवास राजस्व विभाग की जमीन पर बना था। पीडब्लूडी ने इसे निष्प्रयोज्य घोषित किया था। कर्मचारियों को आवास खाली करने की सूचना दे दी गई थी।
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