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तीन दिन में 1.63 लाख लोगों की हुई स्क्रीनिंग, 48 मरीज मिले
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तीन दिन में 1.63 लाख लोगों की हुई स्क्रीनिंग, 48 मरीज मिले
- सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान के तहत तीन दिन में 619 लोगों की हुई बलगम की जांच
- जांच में 27 फेफड़े व 21 अन्य अंगों के टीबी मरीज मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद में क्षय रोग के उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। इसके मद्देनजर ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ कार्यक्रम के तहत दूसरे चरण के अभियान में तीन दिन के अंदर 1.63 लाख लोगों की जांच की गई, जिसमें 619 संभावित मरीजों के बलगम की जांच कराई गई। इसमें 48 क्षय रोगी चिह्नित किए गए हैं। इन मरीजों की दवा शुरू करने के साथ ही अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
सरकार ने क्षय रोग को जड़ से समाप्त करने के लिए 2025 तक का लक्ष्य रखा है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है और तीन चरण में अभियान चलाया जाना है। अभियान का दूसरा चरण दो जनवरी से शुरू हो गया है। दस दिन तक चलने वाले सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान के तहत जनपद की करीब सात लाख आबादी में विशेष कर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की मलिन बस्तियों में टीमें टीबी रोगियों को चिह्नित करने का कार्य शुरू हो गया है। अभियान में तीन दिन के अंदर 1,63,252 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। अभियान के पहले दिन दो जनवरी को 43,560 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें 160 संभावित मरीजों के बलगम के नमूने की जांच कराई गई, जिसमें छह फेफड़े व सात अन्य अंगों वाले टीबी रोगी मिले। तीन जनवरी को 58,377 लोगों की स्क्रीनिंग हुई। इसके बाद 231 लोगों के बलगम व जरूरत पड़ने पर एक्स-रे कराया गया। इसमें दस फेफड़े व सात अन्य अंग वाले क्षय रोगी मिले। चार जनवरी को 61,315 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें 228 संभावित मरीजों के बलगम की जांच कराई गई। इसमें 11 फेफड़े व सात अन्य अंग वाले क्षय रोगी मिले। इस दौरान जरूरत पड़ने पर एक्स-रे भी कराया गया। अभियान में 178 टीमें लगाई गई हैं, जिसमें आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कम्यूनिटी वालंटियर सहित 576 कर्मचारी शामिल हैं। साथ ही निगरानी के लिए 35 सुपरवाइजर तथा 17 चिकित्सक भी तैनात किए गए हैं। इससे पहले 26 दिसंबर से एक जनवरी तक प्रथम चरण का अभियान जिला कारागार, मदरसों, बालगृह, नारी निकेतन व दो ईंट भट्ठों सहित अन्य संस्थाओं में चलाया गया। इसमें करीब दो हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई और संभावित मरीजों के बलगम की जांच कराई गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई।
.......
क्षय रोग उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। डीएम अमित किशोर के निर्देशन और सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय की देखरेख व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वी झा के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है। ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ कार्यक्रम के तहत दूसरे चरण में सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान दो जनवरी से शुरू हो गया है, जो 12 जनवरी तक चलेगा। तीन दिन में 1.63 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें 619 संभावित मरीजों के बलगम की जांच कराई, जिसमें 48 टीबी रोगी चिह्नित किए गए हैं। मरीजों का दवा व अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। अभियान का तीसरा चरण 13 से 25 जनवरी तक चलेगा।
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देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक
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- सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान के तहत तीन दिन में 619 लोगों की हुई बलगम की जांच
- जांच में 27 फेफड़े व 21 अन्य अंगों के टीबी मरीज मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद में क्षय रोग के उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। इसके मद्देनजर ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ कार्यक्रम के तहत दूसरे चरण के अभियान में तीन दिन के अंदर 1.63 लाख लोगों की जांच की गई, जिसमें 619 संभावित मरीजों के बलगम की जांच कराई गई। इसमें 48 क्षय रोगी चिह्नित किए गए हैं। इन मरीजों की दवा शुरू करने के साथ ही अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
सरकार ने क्षय रोग को जड़ से समाप्त करने के लिए 2025 तक का लक्ष्य रखा है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है और तीन चरण में अभियान चलाया जाना है। अभियान का दूसरा चरण दो जनवरी से शुरू हो गया है। दस दिन तक चलने वाले सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान के तहत जनपद की करीब सात लाख आबादी में विशेष कर शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की मलिन बस्तियों में टीमें टीबी रोगियों को चिह्नित करने का कार्य शुरू हो गया है। अभियान में तीन दिन के अंदर 1,63,252 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। अभियान के पहले दिन दो जनवरी को 43,560 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें 160 संभावित मरीजों के बलगम के नमूने की जांच कराई गई, जिसमें छह फेफड़े व सात अन्य अंगों वाले टीबी रोगी मिले। तीन जनवरी को 58,377 लोगों की स्क्रीनिंग हुई। इसके बाद 231 लोगों के बलगम व जरूरत पड़ने पर एक्स-रे कराया गया। इसमें दस फेफड़े व सात अन्य अंग वाले क्षय रोगी मिले। चार जनवरी को 61,315 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें 228 संभावित मरीजों के बलगम की जांच कराई गई। इसमें 11 फेफड़े व सात अन्य अंग वाले क्षय रोगी मिले। इस दौरान जरूरत पड़ने पर एक्स-रे भी कराया गया। अभियान में 178 टीमें लगाई गई हैं, जिसमें आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कम्यूनिटी वालंटियर सहित 576 कर्मचारी शामिल हैं। साथ ही निगरानी के लिए 35 सुपरवाइजर तथा 17 चिकित्सक भी तैनात किए गए हैं। इससे पहले 26 दिसंबर से एक जनवरी तक प्रथम चरण का अभियान जिला कारागार, मदरसों, बालगृह, नारी निकेतन व दो ईंट भट्ठों सहित अन्य संस्थाओं में चलाया गया। इसमें करीब दो हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई और संभावित मरीजों के बलगम की जांच कराई गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई।
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क्षय रोग उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। डीएम अमित किशोर के निर्देशन और सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय की देखरेख व जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वी झा के नेतृत्व में अभियान चलाया जा रहा है। ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ कार्यक्रम के तहत दूसरे चरण में सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान दो जनवरी से शुरू हो गया है, जो 12 जनवरी तक चलेगा। तीन दिन में 1.63 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें 619 संभावित मरीजों के बलगम की जांच कराई, जिसमें 48 टीबी रोगी चिह्नित किए गए हैं। मरीजों का दवा व अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। अभियान का तीसरा चरण 13 से 25 जनवरी तक चलेगा।
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देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक