रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पीलीभीत के डीएम पुलकित खरे का बढ़ाया हौसला
- फोन करके रक्षा मंत्री ने डीएम के प्रयास की सराहना की
- वायरल हो रहे वीडियो को संज्ञान में लेकर रक्षा मंत्री ने किया फोन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कहते हैं अच्छा प्रयास कभी बेकार नहीं जाता। पीलीभीत के डीएम पुलकित खरे जिले की मंडियों में किसानों को लेकर हो रही परेशानी पर काफी सतर्क हैं। उनकी सतर्कता का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें खरे अधिकारियों की लापरवाही पर फटकार लगाते नजर आ रहे हैं। इस वीडियों को देखने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जमीनी हालात की पहले जानकारी ली और इसके बाद जिलाधिकारी पुुलकित खरे को फोन करके उनका हौसला बढ़ाया। रक्षा मंत्री ने किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील जिलाधिकारी के प्रयासों की सराहना भी की।
पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह किसानों के मुद्दे को लेकर हमेशा संवेदनशील रहे हैं। किसानों के यूपीए सरकार के समय में किसानों से जुड़े मुद्दे को रक्षा मंत्री ने काफी प्रमुखता से उठाया था। हाल में केंद्र सरकार के लाए गए कृषि कानून पर भी देश के किसानों के बीच में फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने में लगे हैं। इसके लिए रक्षा मंत्री देश के तमाम राज्यों के किसानों, किसान नेताओं के संपर्क में हैं।
क्यों डीएम खरे को रक्षा मंत्री ने किया फोन
पीलीभीत की मंडी में पहुंचते ही जिलाधिकारी पुलकित खरे का पारा चढ़ गया। जिलाधिकारी ने वहां पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। किसानों का दुख-दर्द सुना। जिलाधिकारी खरे ने पाया कि मंडी में एक तरफ धान की खरीद का कोटा भी पूरा नहीं हो पा रहा है, दूरी तरफ किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम की दर पर 1000-1200 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से धान बेचने को मजबूर हैं।
जिलाधिकारी ने इसके बाद एआरएमओ को वहीं तलब किया। उन्हें जोरदार फटकार लगाई। डीम ने कहा कि उनके लिए किसान प्राथमिकता हैं। इसलिए वह किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे और यदि रोज आना हुआ तो मंडी में आएंगे। इस दौरान कार्रवाई करने हुए डीएम ने खरीद केंद्र के चार प्रभारियों को निलंबित कर दिया। मंडी खरीद प्रक्रिया की निगरानी के लिए अतिरिक्त एसडीएम को जिम्मेदारी सौंप दी।