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अखिलेश यादव की महत्वाकांक्षी योजना में ही रिश्वतखोरी
बहराइच/ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jan 2013 11:48 AM IST
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नौकरशाही में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा उदाहरण बहराइच में सामने आया है। सरकारी कारिंदों ने मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी ‘हमारी बेटी उसका कल’ योजना में ही ‘खेल’ कर दिया। योजना के चेक बांटने की एवज में घूसखोरी की शिकायतों के बीच सोमवार शाम डीएम किंजल सिंह ने अल्पसंख्यक कल्याण महकमे में छापामारी की, तो उजागर हुआ कि पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व क्लर्क ने योजना के लिए पात्र कई छात्राओं को अपात्र घोषित कर दिया।
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डीएम ने तत्काल प्रभाव से क्लर्क व पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए व दोनों को सस्पेंड कर दिया। योजना के तहत मंगलवार को होने वाला चेक वितरण का कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया। श्रम मंत्री वकार अहमद इसमें बेटियों को चेक बांटने वाले थे।
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डीएम ने सारे आवेदन पत्रों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। ‘हमारी बेटी उसका कल’ योजना के तहत गरीब अल्पसंख्यक छात्राओं को 30 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके लिए अल्पसंख्यक विभाग की ओर से आवेदन पत्र मांगे गए थे।
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सदर, महसी, कैसरगंज और नानपारा तहसील से 1918 अल्पसंख्यक बालिकाओं ने आवेदन किया था। लेकिन जांच के दौरान विभाग ने 638 आवेदन निरस्त कर इन छात्राओं को अपात्र घोषित कर दिया। इस पर कई आवेदकों ने डीएम से शिकायत की थी। इस पर जिलाधिकारी किंजल सिंह सोमवार शाम चार बजे विकलांग कल्याण अधिकारी व प्रभारी अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अनुपमा मौर्या के कार्यालय में छापा मारा।
पास ही स्थिति अर्थ संख्या अधिकारी कार्यालय में डीएम को योजना के लिए अपात्र घोषित की जा चुकी छात्राओं के आवेदन मिल गए। जिलाधिकारी ने वहीं 150 फार्मों का निरीक्षण करवाया। उसमें से 20 आवेदक पात्र निकलीं, जिन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया था। इससे नाराज डीएम ने मुख्य राजस्व अधिकारी को अल्पसंख्यक विभाग के क्लर्क रफीक व पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एएन पांडेय के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई का आदेश दिया। साथ ही क्लर्क और अधिकारी को निलंबित करने की संस्तुति भी की।
जिलाधिकारी ने बताया कि सभी आवेदन पत्रों की पुनः जांच के लिए मुख्य राजस्व अधिकारी एन लाल, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी एसके बघेल तथा एसडीएम सदर परवेज अहमद की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी 24 घंटे में रिपोर्ट पेश करेगी। काम में हीलाहवाली बरतने के आरोप में पूर्व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आरएन पांडेय को अक्तूबर में ही निलंबित कर दिया गया था। इसी के बाद से अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का प्रभार विकलांग कल्याण अधिकारी को सौंपा दिया गया था।