चित्रकूट। बड़ी उम्मीद थी कि लॉकडाउन के दौरान 20 अप्रैल से छूट मिलने पर शादी के सात फेरे धूमधाम से होंगे, लेकिन अहमदाबाद की दुल्हन व चित्रकूट के दूल्हे की किस्मत ने साथ नहीं दिया और उनकी शादी की तिथि लॉक हो गई। अब पंडितों से मिलकर लॉकडाउन खत्म होने के बाद की शादी की तिथि निकाली जा रही है। इतना ही नहीं शासन से स्वीकृति उम्मीद के चलते गेस्ट हाउस बैंडबाजा, फूलमाला टेंट व रथ वाले को दिया गया एडवांस भी वापस नहीं मांगा था। अब एडवांस लौटाने या इसे अगली तय होने वाली तिथि में समायोजित करने के लिए दूल्हा दुल्हन के परिजन घूम रहे हैं।
मुख्यालय से सटे कालूपुर पाही निवासी व्यापारी रमेश चंद्र केशरवानी के बेटे अंकुर की शादी 20 अप्रैल सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद निवासी सुरेश केशरवानी की बेटी दिप्सी के साथ तय थी। लॉकडाउन के बारे में तो सबको पता था, लेकिन दोनों परिवार को उम्मीद थी कि जिन जिलों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज नहीं मिले हैं, वहां 20 अप्रैल से छूट मिल जाएगी। इससे दोनों परिवार ने शादी की सभी तैयारियां पूरी कर ली थी। दुल्हन के चित्रकूट में रहने वाले परिजनों ने दूल्हे के परिजनों से मिलकर धूमधाम से शादी की तैयारी की थी। दुल्हन के पिता ने बताया कि शादी में जाने के लिए प्रशासन से पास मांगा था, लेकिन 19 अप्रैल तक कोई जवाब नहीं मिला। किसी तरह वहां के प्रशासन से अनुमति लेकर दुल्हन यहां चली आई। तब उसे पता चला कि 20 अप्रैल से लॉकडाउन में चित्रकूट को कोई छूट या रियायत नहीं मिली है। जिस गेस्ट हाउस को बुक किया था, उसने भी हाथ खड़े कर दिए। शादी में काम करने वाले अन्य लोगों ने भी आने से मना कर दिया। इससे दोनों की शादी नहीं हो सकी। दूल्हा दुल्हन के परिजनों ने कहा है कि अब वह लोग तीन मई तक चलने वाले लॉकडाउन के खत्म होने का इंतजार करेंगे। इसके बाद ही कोई नई तारीख तय कर शादी होगी।