{"_id":"61b39faa179e1820551e283e","slug":"tibet-s-independence-must-be-restored-chitrakoot-news-knp668867740","type":"story","status":"publish","title_hn":"तिब्बत की आजादी बहाल होनी चाहिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तिब्बत की आजादी बहाल होनी चाहिए
विज्ञापन
फोटो- 4- कार्यक्रम का शुभारंभ करते भारत तिब्बत समंवयक प्रो. रमेश चंद्र नेगी व अन्य। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ (चित्रकूट)। विश्व मानवाधिकार दिवस पर मऊ कस्बे में गोष्ठी हुई। इसमें भारत की सुरक्षा, तिब्बत की आजादी और भारत-तिब्बत मैत्री संघ पर चर्चा की गई। छात्र-छात्राओं की निबंध प्रतियोगिता भी कराई गई। इसमें सौ से अधिक छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
महामती प्राणनाथ महाविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि कोऑर्डिनेटर भारत-तिब्बत समन्यवय प्रो. रमेश चंद्र नेगी ने कहा कि पहले तिब्बत पूर्ण रूप से आजाद था। तिब्बत में कई ऐसे राजा हुए हैं, जिन्होंने चीन के अंदर तक जाकर शासन किया था।
आज चीन ने तिब्ब्त को अपने नियंत्रण में कर लिया है। तिब्बत के निवासी आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं। तिब्बत का धर्म ,भाषा, संस्कृति भारत से मिलती जुलती है। आज ही के दिन दलाई लामा को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
विज्ञापन
तिब्बत की आजादी बहाल होनी चाहिये। महाविद्यालय के प्राचार्य संतोष चतुर्वेदी व प्रबंधक सुंदर लाल सुमन ने भी संबोधित किया। तिब्बत की आजादी व भारत की सुरक्षा विषय पर निबंध प्रतियोगिता भी कराई गई। इसमें सौ छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
विज्ञापन
महामती प्राणनाथ महाविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि कोऑर्डिनेटर भारत-तिब्बत समन्यवय प्रो. रमेश चंद्र नेगी ने कहा कि पहले तिब्बत पूर्ण रूप से आजाद था। तिब्बत में कई ऐसे राजा हुए हैं, जिन्होंने चीन के अंदर तक जाकर शासन किया था।
विज्ञापन
आज चीन ने तिब्ब्त को अपने नियंत्रण में कर लिया है। तिब्बत के निवासी आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं। तिब्बत का धर्म ,भाषा, संस्कृति भारत से मिलती जुलती है। आज ही के दिन दलाई लामा को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
विज्ञापन
तिब्बत की आजादी बहाल होनी चाहिये। महाविद्यालय के प्राचार्य संतोष चतुर्वेदी व प्रबंधक सुंदर लाल सुमन ने भी संबोधित किया। तिब्बत की आजादी व भारत की सुरक्षा विषय पर निबंध प्रतियोगिता भी कराई गई। इसमें सौ छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।