फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Tibet's independence must be restored

तिब्बत की आजादी बहाल होनी चाहिए

Sat, 11 Dec 2021 12:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Dec 2021 12:12 AM IST
विज्ञापन
Tibet's independence must be restored
फोटो- 4- कार्यक्रम का शुभारंभ करते भारत तिब्बत समंवयक प्रो. रमेश चंद्र नेगी व अन्य। संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
मऊ (चित्रकूट)। विश्व मानवाधिकार दिवस पर मऊ कस्बे में गोष्ठी हुई। इसमें भारत की सुरक्षा, तिब्बत की आजादी और भारत-तिब्बत मैत्री संघ पर चर्चा की गई। छात्र-छात्राओं की निबंध प्रतियोगिता भी कराई गई। इसमें सौ से अधिक छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
विज्ञापन

महामती प्राणनाथ महाविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि कोऑर्डिनेटर भारत-तिब्बत समन्यवय प्रो. रमेश चंद्र नेगी ने कहा कि पहले तिब्बत पूर्ण रूप से आजाद था। तिब्बत में कई ऐसे राजा हुए हैं, जिन्होंने चीन के अंदर तक जाकर शासन किया था।
विज्ञापन

आज चीन ने तिब्ब्त को अपने नियंत्रण में कर लिया है। तिब्बत के निवासी आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं। तिब्बत का धर्म ,भाषा, संस्कृति भारत से मिलती जुलती है। आज ही के दिन दलाई लामा को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

तिब्बत की आजादी बहाल होनी चाहिये। महाविद्यालय के प्राचार्य संतोष चतुर्वेदी व प्रबंधक सुंदर लाल सुमन ने भी संबोधित किया। तिब्बत की आजादी व भारत की सुरक्षा विषय पर निबंध प्रतियोगिता भी कराई गई। इसमें सौ छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed