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हादसा बचा : टूटी पटरी से गुजर गईं कई ट्रेनें
हादसा बचा : टूटी पटरी से गुजर गईं कई ट्रेनें
Updated Sun, 11 Nov 2018 10:16 PM IST
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file foto
- फोटो : amar ujala
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मुंबई हावड़ा रेल मार्ग के टिकरिया स्टेशन के आउटर पर टूटी पटरी से शनिवार की रात को कई ट्रेेनें गुजर गईं। लेकिन कोई अनहोनी नहीं हुई। देर शाम को जैसे ही इसकी जानकारी रेल अधिकारियों को मिली तो अफरा तफरी मच गई। तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम रात को ही मौके पर पहुंची और इस दौरान गुजर रही मालगाड़ी को धीमी गति से निकाला गया। यह क्रम पूरी रात जारी रहा।
मानिकपुर व सतना रेल स्टेशन के बीच टिकरिया रेलवे स्टेशन के आउटर पर पटरी चटक गई। शनिवार की शाम को जब इस स्टेशन के रेलवे फाटक 399 माइल स्टोन के पास डाउन ट्रैक की पटरी चटकी थी। इस दौरान कई ट्रेनें गुजर रहीं थीं। इसी बीच बंबिहा गांव निवासी राजेश कुमार वहां से गुजरा तो उसकी नजर टूटी पटरी पर पड़ी। उसने गेटमैन नीरज को इसकी जानकारी दी। टूटी पटरी की जानकारी होते ही गेटमैन भी अलर्ट हो गया और सतना से इलाहाबाद की ओर जा रही मालगाड़ी को लाल सिग्नल देकर रूकवाया। इसके बाद डब्लूसीआर के पीडब्ल्यूआई प्रमोद कुमार को सूचना दी गई।
अधिकारियों को जैसे ही इसकी जानकारी हुई तो पूरे स्टाफ में खलबली मच गई। एक दिन पूर्व ही उमरे झांसी के डीआरएम एके मिश्रा मानिकपुर व चित्रकूट रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर गए थे। रात को ही तकनीकी टीम के साथ पीडब्ल्यूआई मौके पर पहुंचे और दोनों ओर से ट्रेनों का आवागमन रूकवाया गया। लगभग एक घंटे के बाद रेल ट्रैक सही कराया गया। कुल मिलाकर लगभग दो घंटे ट्रेनों का आवागमन प्रभावित रहा। पीडब्ल्यूआई ने बताया कि रात को मालगाड़ी के अलावा अन्य ट्रेनों को भी धीमी गति से गुजारा गया कोई हादसा नहीं हुआ है। रेल पटरी पर फ्रै क्चर हुआ था जिसका सुधार करा दिया गया है।
चित्रकूट। मुंबई हावड़ा रेल मार्ग के टिकरिया स्टेशन के आउटर पर टूटी पटरी से शनिवार की रात को कई ट्रेेनें गुजर गईं। लेकिन कोई अनहोनी नहीं हुई। देर शाम को जैसे ही इसकी जानकारी रेल अधिकारियों को मिली तो अफरा तफरी मच गई। तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम रात को ही मौके पर पहुंची और इस दौरान गुजर रही मालगाड़ी को धीमी गति से निकाला गया। यह क्रम पूरी रात जारी रहा।
मानिकपुर व सतना रेल स्टेशन के बीच टिकरिया रेलवे स्टेशन के आउटर पर पटरी चटक गई। शनिवार की शाम को जब इस स्टेशन के रेलवे फाटक 399 माइल स्टोन के पास डाउन ट्रैक की पटरी चटकी थी। इस दौरान कई ट्रेनें गुजर रहीं थीं। इसी बीच बंबिहा गांव निवासी राजेश कुमार वहां से गुजरा तो उसकी नजर टूटी पटरी पर पड़ी। उसने गेटमैन नीरज को इसकी जानकारी दी। टूटी पटरी की जानकारी होते ही गेटमैन भी अलर्ट हो गया और सतना से इलाहाबाद की ओर जा रही मालगाड़ी को लाल सिग्नल देकर रूकवाया। इसके बाद डब्लूसीआर के पीडब्ल्यूआई प्रमोद कुमार को सूचना दी गई।
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अधिकारियों को जैसे ही इसकी जानकारी हुई तो पूरे स्टाफ में खलबली मच गई। एक दिन पूर्व ही उमरे झांसी के डीआरएम एके मिश्रा मानिकपुर व चित्रकूट रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर गए थे। रात को ही तकनीकी टीम के साथ पीडब्ल्यूआई मौके पर पहुंचे और दोनों ओर से ट्रेनों का आवागमन रूकवाया गया। लगभग एक घंटे के बाद रेल ट्रैक सही कराया गया। कुल मिलाकर लगभग दो घंटे ट्रेनों का आवागमन प्रभावित रहा। पीडब्ल्यूआई ने बताया कि रात को मालगाड़ी के अलावा अन्य ट्रेनों को भी धीमी गति से गुजारा गया कोई हादसा नहीं हुआ है। रेल पटरी पर फ्रै क्चर हुआ था जिसका सुधार करा दिया गया है।
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