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पिछड़ी जातियों का रैपिड सर्वे शुरू

Mon, 27 Jun 2022 11:27 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2022 11:27 PM IST
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Rapid survey of backward castes started
फोटो-5- रैपिड ओबीसी सर्वे के लिए बैठक में तहसील परिसर में मौजूद कर्मचारी। संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। नगर पालिका चुनाव की तैयारियों के लिए शासन ने पिछड़ी जातियों के परिवारों और घरों का रैपिड सर्वे कराना शुरू कर दिया है। इसी सर्वे के आधार पर निकाय चुनाव में सीटों का आरक्षण घोषित हो सकता है। इसके लिए शिक्षकों और शिक्षामित्रों से घर-घर जाकर रिपोर्ट मांगी गई है। 15 जुलाई तक शासन को नगर निकाय क्षेत्र की रिपोर्ट भेज देनी है।
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नगर पालिका परिषद में वर्ष 2011 की सूची के अनुसार ओबीसी रैपिड सर्वे के लिए सदर एसडीएम पूजा यादव की अध्यक्षता में तहसील सभागार में सोमवार को बैठक हुई। तहसीलदार संजय अग्रहरि ने शिक्षकों, शिक्षामित्रों व नगर पालिका कर्मियों को निर्देश दिए कि वार्डों में जाकर पिछड़ी जातियों का सर्वे करें। एसडीएम ने कहा कि मोहल्लों में कितने लोग पिछड़ी जाति के निवास करते हैं, मकान हैं या नहीं आदि बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। दो बार सर्वे होने के बाद सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
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एसडीएम पूजा यादव ने बताया कि नगर पालिका परिषद के विस्तारित क्षेत्र में रैपिड सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रथम सर्वे रिपोर्ट पांच दिन में आने के बाद पर्यवेक्षक इसका सर्वे करेंगे। इन रिपोर्ट की जांच क्षेत्रीय अधिकारी भी करेंगे। इसके बाद प्रभारी अधिकारी/एसडीएम इस सूची को फाइनल कर 15 जुलाई तक रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
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नगर पालिका के ईओ राम अचल कुरील ने बताया कि 2011 के आधार पर पिछड़ी जातियों के रैपिड सर्वे का आदेश शासन से आया है। अनुसूचित जाति के सर्वे रिपोर्ट को पहले ही भेज चुके हैं।
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