{"_id":"691b64ef8acd07bd0f0256f5","slug":"newborn-care-workshop-started-chitrakoot-news-c-215-sknp1043-123324-2025-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: नवजात की देखभाल की कार्यशाला शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: नवजात की देखभाल की कार्यशाला शुरू
Mon, 17 Nov 2025 11:39 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 17 Nov 2025 11:39 PM IST
विज्ञापन
चित्रकूट। नवजात शिशु देखभाल सप्ताह मनाने के लिए आयोजित जनपद स्तरीय कार्यशाला में सीएमओ ने स्वास्थ्य कर्मियों को जागरूक किया। कहा कि इस सप्ताह में समय से पूर्व जन्मे और कम वजन वाले शिशुओं की विशेष देखभाल की जाएगी। साथ ही समुदाय को नवजात की सुरक्षित और वैज्ञानिक देखभाल से जुड़ी जानकारियों से भी रूबरू कराया जाएगा।
कार्यशाला में सीएमओ डाॅ. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश में नवजात मृत्यु दर में सुधार हुआ है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम 2023 के अनुसार प्रदेश की नवजात मृत्यु दर 26 प्रति एक हजार रही, जो वर्ष 2022 में 27 थी। एसीएमओ डाॅ. महेंद्र कुमार ने बताया कि जनपद में नवजात मृत्यु दर को घटाने को संस्थान आधारित नवजात देखभाल कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
नवजात शिशु की देखभाल अत्यंत संवेदनशील होती है, इसलिए आवश्यक है कि सभी प्रसव अस्पताल में कराए जाएं, प्रसव के बाद मां व शिशु कम से कम 48 घंटे तक चिकित्सालय में ही रुकें। नवजात शिशु देखभाल सप्ताह समुदाय को सही जानकारी देने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा। कार्यशाला में डाॅ. एचसी अग्रवाल, आरके करवारिया, संतोष श्रीवास्तव, अरुण कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यशाला में सीएमओ डाॅ. भूपेश द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश में नवजात मृत्यु दर में सुधार हुआ है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम 2023 के अनुसार प्रदेश की नवजात मृत्यु दर 26 प्रति एक हजार रही, जो वर्ष 2022 में 27 थी। एसीएमओ डाॅ. महेंद्र कुमार ने बताया कि जनपद में नवजात मृत्यु दर को घटाने को संस्थान आधारित नवजात देखभाल कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
नवजात शिशु की देखभाल अत्यंत संवेदनशील होती है, इसलिए आवश्यक है कि सभी प्रसव अस्पताल में कराए जाएं, प्रसव के बाद मां व शिशु कम से कम 48 घंटे तक चिकित्सालय में ही रुकें। नवजात शिशु देखभाल सप्ताह समुदाय को सही जानकारी देने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा। कार्यशाला में डाॅ. एचसी अग्रवाल, आरके करवारिया, संतोष श्रीवास्तव, अरुण कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन