{"_id":"65429386ac204c269d0d798a","slug":"dispute-between-two-parties-regarding-the-repair-of-a-broken-kutcha-house-chitrakutt-news-c-215-1-sknp1043-2675-2023-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: टूटे कच्चे मकान को बनाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: टूटे कच्चे मकान को बनाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद
Wed, 01 Nov 2023 11:35 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 01 Nov 2023 11:35 PM IST
विज्ञापन
चित्रकूट। मकान बनाने को लेकर दो पक्षों में विवाद होने पर दोनो पक्ष मुख्यालय आए और डीएम को पत्र सौप समस्या निदान की गुहार लगाई है। एक पक्ष ने बताया कि 50 साल से उनके परिजन जहां कच्चे घर में रहते हैं उसके टूटने पर नया निर्माण नहीं करने दिया जा रहा है। दूसरे पक्ष ने कहा कि उनके हिस्से की भूमि है इस पर नया निर्माण नहीं होगा।
कोतवाली कर्वी क्षेत्र के कोठिलिहाई गांव निवासी रामकिशोर, मोतीलाल, चुनकावन, धर्मेन्द्र आदि लोगों ने डीएम को सौपे पत्र में कहा कि भूमिधरी जमीन में जबरन निर्माण कराया जा रहा है। जिसे शीघ्र रोका नहीं गया तो निर्माण करा लेंगें। पुलिस को निर्देश देकर निर्माण रोकने की मांग की है। वहीं दूसरे पक्ष के मुन्ना, राधेशरण आदि ने डीएम को अवगत कराया कि कई पीढि़यों से मकान बना है। जर्जर होने पर पुर्ननिर्माण करा रहे थे। ऐसे में दूसरा पक्ष रोक लगा रहा है।
लेखपाल भी जांच करने आए थे तो उन्होंने कहा कि भूमि आबादी में है। इसका सीमांकन होना संभव नहीं है। यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी जबरन अपनी भूमिधरी बता रहे हैं। जबकि भूमिधरी से तीन गुना अधिक जमीन पर कब्जा किए हैं। मामले की जांच कराकर इंसाफ दिलाने की फरियाद लगाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली कर्वी क्षेत्र के कोठिलिहाई गांव निवासी रामकिशोर, मोतीलाल, चुनकावन, धर्मेन्द्र आदि लोगों ने डीएम को सौपे पत्र में कहा कि भूमिधरी जमीन में जबरन निर्माण कराया जा रहा है। जिसे शीघ्र रोका नहीं गया तो निर्माण करा लेंगें। पुलिस को निर्देश देकर निर्माण रोकने की मांग की है। वहीं दूसरे पक्ष के मुन्ना, राधेशरण आदि ने डीएम को अवगत कराया कि कई पीढि़यों से मकान बना है। जर्जर होने पर पुर्ननिर्माण करा रहे थे। ऐसे में दूसरा पक्ष रोक लगा रहा है।
विज्ञापन
लेखपाल भी जांच करने आए थे तो उन्होंने कहा कि भूमि आबादी में है। इसका सीमांकन होना संभव नहीं है। यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी जबरन अपनी भूमिधरी बता रहे हैं। जबकि भूमिधरी से तीन गुना अधिक जमीन पर कब्जा किए हैं। मामले की जांच कराकर इंसाफ दिलाने की फरियाद लगाई है।
विज्ञापन