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परिक्रमा को आए साधु-संत फंसे
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चित्रकूट/खोही। धर्मनगरी में 84 कोसीय परिक्रमा करने के लिए आए बिहार के साधु एक महीने से अधिक समय से लॉकडाउन होने के कारण फंसे रहे। मंगलवार को वह जिले से पैदल ही चल दिए। बताया कि मध्य प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में एक स्कूल में इन्हें ठहराया गया था। स्वास्थ्य परीक्षण के इन सभी को घर जाने की बाद जाने के लिए कहा गया है।
धर्मनगरी में हर साल 84 कोसीय परिक्रमा करने के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में साधु-संत आते हैं। 23 फरवरी से 84 कोसीय यात्रा शुरू हुुई थी, जो एक महीने समाप्त हो गई थी। लॉकडाउन होने के कारण साधु-संत अपने घर में नहीं जा सके।
बिहार प्रदेश के खगड़िया निति नाथ चौधरी, राजनीति यादव, लालन यादव, रामअवतार हरीबोल समेत कई साधु आए थे। तब से यहीं रह रहे हैं। दरभंगा कमलापुर के राजेंद्र यादव,, नालंदा बिहार के गणेश यादव ने बताया कि वह लोग 20 फरवरी को धर्मनगरी में आए थे। एक महीने में 84 कोसीय परिक्रमा की। लॉकडाउन के कारण अपने घर नहीं जा सके। अब पैदल प्रयागराज होते हुए बिहार जाएंगे।
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धर्मनगरी में हर साल 84 कोसीय परिक्रमा करने के लिए दूर-दराज से बड़ी संख्या में साधु-संत आते हैं। 23 फरवरी से 84 कोसीय यात्रा शुरू हुुई थी, जो एक महीने समाप्त हो गई थी। लॉकडाउन होने के कारण साधु-संत अपने घर में नहीं जा सके।
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बिहार प्रदेश के खगड़िया निति नाथ चौधरी, राजनीति यादव, लालन यादव, रामअवतार हरीबोल समेत कई साधु आए थे। तब से यहीं रह रहे हैं। दरभंगा कमलापुर के राजेंद्र यादव,, नालंदा बिहार के गणेश यादव ने बताया कि वह लोग 20 फरवरी को धर्मनगरी में आए थे। एक महीने में 84 कोसीय परिक्रमा की। लॉकडाउन के कारण अपने घर नहीं जा सके। अब पैदल प्रयागराज होते हुए बिहार जाएंगे।
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