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नहर कटने से सरसों, गेहूं की फसलें जलमग्न

Fri, 04 Feb 2022 11:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Feb 2022 11:33 PM IST
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फोटो-16- चिल्लीमल पंप कैनाल की नहर टूटने से खेतों में जलराव हुआ तो खेत में भरे पानी को निकालने का प्र - फोटो : CHITRAKOOT
राजापुर(चित्रकूट)। क्षेत्र के चिल्लीमल पंप कैनाल की नहर कटने से देवारी गांव के पास खेतों में पानी भर गया। जिससे किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई। सरसों, गेहूं व चना की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि नुकसान की भरपाई कब और कैसे होगी, कुछ समझ नहीं आ रहा है।
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राजापुर क्षेत्र में चिल्लीमल पंप कैनाल है। गुरुवार की देर रात देवारी गांव के पास नहर कटने से कई बीघा फसलें जलमग्न हो गई। शुक्रवार की सुबह जब किसान खेतों पर पहुंचे तो गेहूं, चना, सरसों आदि की फसलों को पानी में डूबा देख सिर पकड़कर बैठ गए। किसानों के मुताबिक लाखों की फसल के खराब होने की आशंका है।
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खेतों से पानी निकालने में जुटे किसान
देवारी गांव के अमर सिंह, रोशन सिंह, धीरेंद्र सिंह, आदि ने बताया कि चिल्लीमल पंप कैनाल से बड़ी नहर के साथ छोटी नहरें भी बनी हुई हैं। नहरों के बीच में मिट्टी का भराव ठीक से नहीं था। जिस कारण जब पानी का बहाव तेज हुआ तो नहर कट गई। खेतों में पानी भर गया। जिससे चना, सरसों की फसलें खराब हो गई। बची हुई फसलों को बचाने के लिए किसान अब खेतों से पानी निकालने में जुटे हैं।
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नहरों की देखरेख में लापरवाही का आरोप
चित्रकूट संवाद के अनुसार नहरों के रख रखाव के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। जिसमें नहरों की सफाई का भी कार्य किया जाता है। प्रदेश किसान सभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रुद्र प्रसाद मिश्र का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही के चलते साफ-सफाई के काम में हीलाहवाली बरती जा रही है। किसान नहरों की सफाई के लिए आंदोलन भी कर चुके है। फिर भी नहरों की स्थिति नहीं सुधर रही है। कई नहरें तो ऐसी हैं कि देखरेख के अभाव में खत्म हो रही हैं। शहर के सोनेपुर कस्बे के पास बनी नहर में कई किमी. तक पानी ही नहीं दिखाई देता है। नहर की जमीन पर भी अवैध कब्जे हो रहे हैं।

बोले जिम्मेदार
सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता आशुतोष कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी होते ही नहर को बंद करा दिया गया है। कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। किसानों ने समय से जानकारी दे दी थी, जिससे समय रहते ही नहर बंद करा दी गई थी।
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