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हरा सोना तोड़ने में 15 हजार मजदूर जुटे
चित्रकूट
Updated Thu, 25 May 2017 10:44 PM IST
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मारकुंडी के जंगल में लगे तेंदू पत्ता के पेड़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में तेंदू पत्ता तुड़ाई का कार्य जोराें है। वन विभाग के अधिकारियों ने तोड़ान के समय होने वाले कार्य के लिए वन निगम व फ ड़ मुंशियों को प्रशिक्षण भी दिया है। पाठा क्षेत्र समेत आसपास के जंगलों में इसे हरा सोना भी कहते हैं। मजदूरों को साल भर इसका इंतजार रहता है।
गर्मी का सीजन आते ही जिले के पाठा क्षेत्र सहित बरगढ़ इलाके व मध्यप्रदेश की सीमा से लगे जंगलों में तेंदूपत्ता की फसल लहलहाने लगती हैं। बीड़ी बनाने के काम आने वाले तेंदूपत्ता का तुड़ाई का कार्य 10 मई से शुरू है। जो तीन जून तक चलेगा। मौसम अनुकूल होने से इस समय काम जोरोें पर जारी है। इसके लिए 392 फड़ बनाए गए है।
मजदूरों को एक हजार बंडल के हिसाब से नौ सौ 30 रुपये दिए जाते हैं। जंगलों में रहने वाले मजदूरों को हर वर्ष गर्मी के सीजन में कार्य मिल जाता है। इसमें एक परिवार के लगभग पांच सदस्य कार्य करते हैं।
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तेंदूपत्ता के तोड़ान कार्य में लगे मजदूर राजनारायण निवासी रानीपुर गिदुरहा ने बताया कि तेंदू पत्ता तोड़ान के कार्य में हर साल घर बैठे कार्य मिल जाता है। डोडा बहिलपुरवा की रानी कोल ने बताया कि तेंदूपत्ता तोड़ान के कार्य में लगा तो लिया जाता है, लेकिन मजदूरी मिलने में कई दिन लग जाते हैं। इटवा के सुनील कुमार ने बताया कि तेंदूपत्ता तोड़ान का ठेका लेेने वाले फड़ मुंशी कार्य कराने के नाम पर कमीशन भी लेते है। वो उन्हीं मजदूरों को काम में लगाते है जो कमीशन देते हैं।
चित्रकूट। वन निगम के अधिकारी एसएन त्रिपाठी का कहना है कि इस कार्य को सरकार कराती है। इससे सरकार को कोई लाभ नहीं मिलता। कई साल से घाटा उठाना पड़ता है। इस साल बारिश अच्छी होने से पांच करोड़ का तक कारोबार होगा।
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गर्मी का सीजन आते ही जिले के पाठा क्षेत्र सहित बरगढ़ इलाके व मध्यप्रदेश की सीमा से लगे जंगलों में तेंदूपत्ता की फसल लहलहाने लगती हैं। बीड़ी बनाने के काम आने वाले तेंदूपत्ता का तुड़ाई का कार्य 10 मई से शुरू है। जो तीन जून तक चलेगा। मौसम अनुकूल होने से इस समय काम जोरोें पर जारी है। इसके लिए 392 फड़ बनाए गए है।
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मजदूरों को एक हजार बंडल के हिसाब से नौ सौ 30 रुपये दिए जाते हैं। जंगलों में रहने वाले मजदूरों को हर वर्ष गर्मी के सीजन में कार्य मिल जाता है। इसमें एक परिवार के लगभग पांच सदस्य कार्य करते हैं।
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तेंदूपत्ता के तोड़ान कार्य में लगे मजदूर राजनारायण निवासी रानीपुर गिदुरहा ने बताया कि तेंदू पत्ता तोड़ान के कार्य में हर साल घर बैठे कार्य मिल जाता है। डोडा बहिलपुरवा की रानी कोल ने बताया कि तेंदूपत्ता तोड़ान के कार्य में लगा तो लिया जाता है, लेकिन मजदूरी मिलने में कई दिन लग जाते हैं। इटवा के सुनील कुमार ने बताया कि तेंदूपत्ता तोड़ान का ठेका लेेने वाले फड़ मुंशी कार्य कराने के नाम पर कमीशन भी लेते है। वो उन्हीं मजदूरों को काम में लगाते है जो कमीशन देते हैं।
चित्रकूट। वन निगम के अधिकारी एसएन त्रिपाठी का कहना है कि इस कार्य को सरकार कराती है। इससे सरकार को कोई लाभ नहीं मिलता। कई साल से घाटा उठाना पड़ता है। इस साल बारिश अच्छी होने से पांच करोड़ का तक कारोबार होगा।