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नोटों को लेकर खलबली

Wed, 09 Nov 2016 01:32 AM IST
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला Updated Wed, 09 Nov 2016 01:32 AM IST
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turmoil on five hundred Notes
पांच सौ रुपये के नोट
सरकार द्वारा हजार व पांच सौ के नोट मंगलवार की रात बंद किये जाने की घोषणा पर पूरे जनपद में खलबली मच गई। लोग पांच सौ और एक हजार के नोट लेकर दूकानों सहित अन्य जगहों पर बदलने की कोशिश पर लग गये। बैंक और एटीएम नौ एवं दस नवंबर को बंद होने से लोगों में और बेेचैनी रही।  
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केन्द्र सरकार ने मंगलवार की आधी रात से पांच सौ और एक हजार रुपये के चलन पर बंदी का आदेश जारी कर दिया है। साि िही दो दिनों तक बैंक व एटीएम बंद रखने की घोषण कर दी है। जिससे पूरे जनपद में हाहाकार, अफरतफरी और बेचैनी की स्थिति हो गयी है। लोग सड़कों पर देर रात किसी प्रकार से एक हजार और पांच सौ के नोट के बदले सामान खरीदने निकल पड़े थे। व्यापारी भी इन नोटों को लेने से इंकार करने लगे। लोगों के अनुसार सबसे ज्यादा समस्या शादी विवाह के आयोजन पर होने वाले खर्च से होगी। जिनके यहां हाल ही में शादी उन्हें खरीदारी के एवज में नोटो की अदायगी में काफी समस्या पेश आयेगी।
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इनसेट
मुगलसराय। पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद किये जाने के बाद सबसे ज्यादा चिंतित व्यापारी वर्ग हैै। कपड़ा व्यवासीय सरदार वीरेन्द्र सिंह ने बताया सरकार द्वारा अचानक मंगलवार की रात बारह बजे से एक हजार और पांच सौ की नोट बंद किये जाने से परेशानी होगी। प्रतिदिन हम लोगों को बैंक और व्यापारी से लेन देन करना पड़ेगा। ऐसे में यह निर्णय समझ से परे नजर आ रहा है। दवा व्यवसायी समीर कुमार ने बताया कि सरकार को समय देकर यह कदम उठाना चाहिए था। ताकि लोग इसके बारे में भलीभांति वाकिफ हो सकें। दवा की दुकान पर अधिकतर बड़े नोट ही आते है।
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अब परेशानी होगी।किराना व्यवसायी संजय रस्तोगी ने बताया कि शादी का सीजन चल रहा है और लोग बड़ी खरीदारी करने के लिए बड़े नोट की लेकर आ रहे है।
 ऐसे में अचानक आये इस निर्णय से सभी को परेशानी का सामना करना पड़ जायेगा। व्यवसायी अमित जायसवाल ने बताया कि सरकार का यह कदम पूरी तरह से गलत है। अपनी नीतियां जनता को बताने के बाद लागू करनी चाहिए ताकि इसके लिए जनत मानसिक रूप से तैयार हो सके।

 
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