{"_id":"576066374f1c1bd12a11bd0e","slug":"took-the-plunge-in-ganga","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा में लगाई डुबकी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा में लगाई डुबकी
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Wed, 15 Jun 2016 01:46 AM IST
विज्ञापन
गंगा घाट पर स्नान करते लोग।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगा अवतरण का दिवस गंगा दशहरा पूरे जिले में परंपरागत तरीके से मनाया गया। हजारों आस्थावानों ने गंगा में डुबकी लगाई। लोगों ने खासकर महिलाओं ने मां गंगा का फूल, धूप, दीप आदि से पूजन अर्चन किया और मां के जयकारे लगाए। वहीं गंगा घाट पर जमकर दान पुण्य किया गया। हजारों की भीड़ होने की वजह से घाट पर मेला जैसा माहौल रहा। वहीं ग्रामीण इलाकों में किशोरियों ने गुड़िया बनाकर उसे पानी में प्रवाहित किया।
माना जाता है कि गंगा दशहरा से गंगा का बहाव तेज होना माना जाता है। आस्था के इस महा पर्व पर गंगा में डुबकी लगाने को लोगों की भीड़ जुटती है। मंगलवार को मुगलसराय से हजारों लोग गंगा स्नान के लिए वाराणसी गए। वहीं पश्चिम वाहिनी बलुआ गंगा घाट पर श्रद्धालुओं का मेला लगा। यहां मुंह अंधेरे भोर से ही गंगा स्नान करने वालों की भीड़ जुट गई। प्रशासन ने गंगा तट पर बैरेकेटिंग लगाई थी और गोताखोरों की ड्यूटी लगाई गई थी।
दोपहर बाद तक स्नान ध्यान करने वालों का तांता लगा रहा। स्नानार्थियों में महिलाओं की संख्या अधिक रही। महिलाओं ने स्नान ध्यान के बाद विधि विधान से मां गंगा की पूजा की और जयकारे लगाए। बाद में दान पूण्य भी किया गया। यहां दान लेने वालों की भीड़ लगी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
माना जाता है कि गंगा दशहरा से गंगा का बहाव तेज होना माना जाता है। आस्था के इस महा पर्व पर गंगा में डुबकी लगाने को लोगों की भीड़ जुटती है। मंगलवार को मुगलसराय से हजारों लोग गंगा स्नान के लिए वाराणसी गए। वहीं पश्चिम वाहिनी बलुआ गंगा घाट पर श्रद्धालुओं का मेला लगा। यहां मुंह अंधेरे भोर से ही गंगा स्नान करने वालों की भीड़ जुट गई। प्रशासन ने गंगा तट पर बैरेकेटिंग लगाई थी और गोताखोरों की ड्यूटी लगाई गई थी।
विज्ञापन
दोपहर बाद तक स्नान ध्यान करने वालों का तांता लगा रहा। स्नानार्थियों में महिलाओं की संख्या अधिक रही। महिलाओं ने स्नान ध्यान के बाद विधि विधान से मां गंगा की पूजा की और जयकारे लगाए। बाद में दान पूण्य भी किया गया। यहां दान लेने वालों की भीड़ लगी रही।
विज्ञापन