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पैसा नहीं आया बुजुर्ग हुए निराश
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 20 Nov 2016 01:10 AM IST
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पैसा निकालने के लिए कतार में खड़े लोग।
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बैंकों में बुजुर्गों के लिए भी शनिवार को धन नहीं पहुंचा। ऐसे में दो हजार रुपये के नोट बदलने की आस में बैंक में पहुंचे वरिष्ठ लोगों को निराश होकर लौटे। इसको लेकर बुजुर्गों में गुस्सा दिखा। धन के अभाव में ही खाताधारकों को भी नियम के अनुसार पैसे नहीं दिए गए। किसी बैंक में एकाउंट से पांच हजार तो किसी शाखा में मात्र दो हजार रुपये ही निकाले जा सके।
आठ नवंबर को 500 और हजार रुपये के नोट बंदी की घोषणा के बाद से बैंकों में हलचल है। बैंकों के बाहर लगातार नोट बदलने के लिए लंबी कतार लगी लेकिन पिछले तीन दिनों से बैंकों ने कैश की कमी की बात कहकर नोट एक्सचेंज पूरी तरह बंद कर दिया है। शनिवार को बैंक एसोसिएशन ने सिर्फ बुजुर्गों के दो हजार रुपये के पांच सौ हजार के नोट बदलने की छूट दी थी। विशेष सुविधा मिलने के बाद शनिवार की सुबह से ही बुजुर्ग बैंकों के बाहर कतार में लग गए लेकिन शाखा खुलते ही बैंक अधिकारियों ने नकदी न होने की बात कह दी। इससे दो हजार रुपये नोट बदलने की आस में पहुंचे बुजुर्ग निराश होकर वापस लौट गए। नगर के विजया बैंक, ओरियंटल बैंक आफ कामर्स, सेंट्रल बैंक, एचडीएफसी, सिंडीकेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक, बैंक आफ इंडिया, केनरा बैंक, यूको बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक सहित अन्य बैंकों ने नोट एक्सचेंज का काम ठप रखा। सिर्फ जमा निकासी की सुविधा दी गई। इसमें भी कैश की कमी की बात कहकर कहीं पांच हजार तो कहीं सिर्फ दो हजार रुपये तक की निकासी की सुविधा दी। इससे लोगों में नाराजगी दिखी। क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया कि अब बैंक मनमानी कर रहे हैं। बैंक एसोसिएशन और आरबीआई के नियमों को भी पालन नहीं किया जा रह है।
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आठ नवंबर को 500 और हजार रुपये के नोट बंदी की घोषणा के बाद से बैंकों में हलचल है। बैंकों के बाहर लगातार नोट बदलने के लिए लंबी कतार लगी लेकिन पिछले तीन दिनों से बैंकों ने कैश की कमी की बात कहकर नोट एक्सचेंज पूरी तरह बंद कर दिया है। शनिवार को बैंक एसोसिएशन ने सिर्फ बुजुर्गों के दो हजार रुपये के पांच सौ हजार के नोट बदलने की छूट दी थी। विशेष सुविधा मिलने के बाद शनिवार की सुबह से ही बुजुर्ग बैंकों के बाहर कतार में लग गए लेकिन शाखा खुलते ही बैंक अधिकारियों ने नकदी न होने की बात कह दी। इससे दो हजार रुपये नोट बदलने की आस में पहुंचे बुजुर्ग निराश होकर वापस लौट गए। नगर के विजया बैंक, ओरियंटल बैंक आफ कामर्स, सेंट्रल बैंक, एचडीएफसी, सिंडीकेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक, बैंक आफ इंडिया, केनरा बैंक, यूको बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक सहित अन्य बैंकों ने नोट एक्सचेंज का काम ठप रखा। सिर्फ जमा निकासी की सुविधा दी गई। इसमें भी कैश की कमी की बात कहकर कहीं पांच हजार तो कहीं सिर्फ दो हजार रुपये तक की निकासी की सुविधा दी। इससे लोगों में नाराजगी दिखी। क्षेत्रीय लोगों ने आरोप लगाया कि अब बैंक मनमानी कर रहे हैं। बैंक एसोसिएशन और आरबीआई के नियमों को भी पालन नहीं किया जा रह है।
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