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अधिकार और कर्तव्य एक दूसरे के पूरक
chandauli
Updated Sun, 25 Sep 2016 01:24 AM IST
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गोष्ठी में शनिवार को बोलते अनिल कुमार पराशर।
- फोटो : chandauli
अधिकार और कर्तव्य दोनों एक दूसरे के पूरक है। यदि व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन करता है तो हनन की घटनाएं खुद ब खुद कम हो जायेंगी। शिकायतों को अधिकारियों के पास पहुंचाये जहां निस्तारण नहीं होने पर आयोग के पास भेज दें। यह बातें मानवाधिकार सीडब्लयूूए संस्था द्वारा शनिवार को जीटी रोड स्थित एक होटल में आयोजित जागरूकता गोष्ठी में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सलाहकार अनिल कुमार पराशर ने बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
उन्होंने कहा कि हर मानव का अपना अधिकार है जहां भी इसका हनन होगा वहां आयोग उनका सहयोग कर न्याय दिलायेगा। आयोग न्याय का प्रहरी है। आज भी लोग अपने अधिकार व कर्तव्य से वंचित है। उनमें जागरूकता की कमी है। विशिष्ट अतिथि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डा. यदुनाथ दूबे ने भी मानवाधिकार के प्रति लोगों के सचेत रहने का आह्वान किया। इस दौरान लोगों ने समस्याएं आयोग के अधिकारियों के समक्ष रखी जिनके निराकरण के उपाये सुझाये। इस अवसर पर श्याम बिहारी सिंह, डा. दिनेश कुुमार गर्ग, योगेन्द्र कुमार सिंह, अरविंद कुमार द्विवेदी शामिल रहे। संचालन प्रशांत सिंह ने किया।
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उन्होंने कहा कि हर मानव का अपना अधिकार है जहां भी इसका हनन होगा वहां आयोग उनका सहयोग कर न्याय दिलायेगा। आयोग न्याय का प्रहरी है। आज भी लोग अपने अधिकार व कर्तव्य से वंचित है। उनमें जागरूकता की कमी है। विशिष्ट अतिथि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति डा. यदुनाथ दूबे ने भी मानवाधिकार के प्रति लोगों के सचेत रहने का आह्वान किया। इस दौरान लोगों ने समस्याएं आयोग के अधिकारियों के समक्ष रखी जिनके निराकरण के उपाये सुझाये। इस अवसर पर श्याम बिहारी सिंह, डा. दिनेश कुुमार गर्ग, योगेन्द्र कुमार सिंह, अरविंद कुमार द्विवेदी शामिल रहे। संचालन प्रशांत सिंह ने किया।
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