{"_id":"6ad290b7d4267d343404dcfb","slug":"relief-and-rescue-teams-preparedness-tested-through-a-mock-drill-chandauli-news-c-189-1-svns1010-156345-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: मॉकड्रिल से परखी राहत और बचाव टीम की तत्परता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: मॉकड्रिल से परखी राहत और बचाव टीम की तत्परता
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के यार्ड में शुक्रवार को रेलवे और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम ने मॉकड्रिल कर दुर्घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्यों की तत्परता परखी। अभ्यास के दौरान दानापुर-पुणे स्पेशल ट्रेन के एक कोच के पलटने की स्थिति बनाई गई।
करीब तीन घंटे तक चले अभ्यास में कोच में फंसे यात्रियों को निकालने और घायलों को उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल में गाड़ी संख्या 01450 दानापुर-पुणे स्पेशल ट्रेन के प्लेटफॉर्म संख्या आठ पर प्रवेश के दौरान कोच पलटने की सूचना दी गई। स्टेशन अधीक्षक एसके सिंह ने दुर्घटना की सूचना दी, जिसके बाद सायरन बजते ही रेलवे के विभिन्न विभाग सक्रिय हो गए। पीडीडीयू और गया से दुर्घटना राहत चिकित्सा यान, राहत ट्रेन और क्रेन मौके पर पहुंचीं। अभ्यास में 10 यात्रियों की मौत और पांच के घायल होने की स्थिति दर्शाई गई।
एनडीआरएफ की 11वीं बटालियन के जवानों ने कटर से कोच के चिह्नित हिस्सों को काटकर अंदर प्रवेश किया और फंसे घायलों को बाहर निकालने का अभ्यास किया। पूरी प्रक्रिया डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रेम प्रकाश उपाध्याय, एनडीआरएफ कमांडेंट आशीष सिंह चौहान, नागरिक सुरक्षा के मास्टर ट्रेनर प्रवीर यादवेंदु और कमलेश तिवारी तथा एडीआरएम कुलदीप और वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी संतोष कुमार की देखरेख में हुई।
विज्ञापन
अभ्यास में एनडीआरएफ के 60 जवानों सहित रेलवे, पुलिस, अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और चिकित्सा विभाग की टीमों ने भाग लिया। डीआरएम उदय सिंह मीना ने राहत संसाधनों और चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा कर तैयारियों को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
करीब तीन घंटे तक चले अभ्यास में कोच में फंसे यात्रियों को निकालने और घायलों को उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल में गाड़ी संख्या 01450 दानापुर-पुणे स्पेशल ट्रेन के प्लेटफॉर्म संख्या आठ पर प्रवेश के दौरान कोच पलटने की सूचना दी गई। स्टेशन अधीक्षक एसके सिंह ने दुर्घटना की सूचना दी, जिसके बाद सायरन बजते ही रेलवे के विभिन्न विभाग सक्रिय हो गए। पीडीडीयू और गया से दुर्घटना राहत चिकित्सा यान, राहत ट्रेन और क्रेन मौके पर पहुंचीं। अभ्यास में 10 यात्रियों की मौत और पांच के घायल होने की स्थिति दर्शाई गई।
विज्ञापन
एनडीआरएफ की 11वीं बटालियन के जवानों ने कटर से कोच के चिह्नित हिस्सों को काटकर अंदर प्रवेश किया और फंसे घायलों को बाहर निकालने का अभ्यास किया। पूरी प्रक्रिया डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रेम प्रकाश उपाध्याय, एनडीआरएफ कमांडेंट आशीष सिंह चौहान, नागरिक सुरक्षा के मास्टर ट्रेनर प्रवीर यादवेंदु और कमलेश तिवारी तथा एडीआरएम कुलदीप और वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी संतोष कुमार की देखरेख में हुई।
विज्ञापन
अभ्यास में एनडीआरएफ के 60 जवानों सहित रेलवे, पुलिस, अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और चिकित्सा विभाग की टीमों ने भाग लिया। डीआरएम उदय सिंह मीना ने राहत संसाधनों और चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा कर तैयारियों को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।