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बिजली-पानी का मुद्दा उठाया
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Fri, 09 Sep 2016 01:30 AM IST
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भारतीय किसान महासभा के राज्य स्तरीय सम्मेलन में बोलते राजा राम सिंह।
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अखिल भारतीय किसान महासभा की ओर से मुख्यालय स्थित अरविंद वाटिका में किसान महापंचायत बैठी। इस दौरान किसानों की प्रमुख समस्याओं भूमि अधिग्रहण, बिजली-पानी, किसान विरोधी नीतियों आदि पर मंथन हुआ। इसका उद्घाटन मुख्य वक्ता व महासभा के राष्ट्रीय महासचिव राजा राम सिंह ने किया।
इस मौके पर राजा राम सिंह ने कहा कि किसानों की जमीन विभिन्न परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए जबरन अधिग्रहीत कर ली जाती है। इस दौरान किसानों से जिन मुद्दों व सहूलियत पर समझौता होता है, उसे भी सरकारें पूरा नहीं कर रही हैं। किसान जबरन अपनी जमीन से बेदखल किए जा रहे हैं। प्रशासन व शासन गरीब किसानों की नहीं सुन रहा है। केन्द्र व प्रदेश सरकार दोनों की नीतियों किसान विरोधी हैं। किसानों के हितैषी होने का दावा करने वाली सरकारों की गलत नीतियों से किसान बर्बादी की कगार पर आ खड़ा हुआ है। कहा कि किसानों की जमीन का जबरिया अधिग्रहण, बिजली, खाद, पानी के सवाल पर अखिल भारतीय किसान महासभा किसानों के हितों के लिए संघर्ष करेगी। किसानों के ऊपर चौतरफा हमले हो रहे हैं, जिसे केन्द्र व प्रदेश सरकार दोनों की पूर्ण रूप से जिम्मेदार हैं। जनप्रतिनिधि किसानों की समस्याओं से किनारा कर रहे हैं।
जनपद में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का आंदोलन दो सौ दिनों से अनवरत जारी है, लेकिन सरकार व प्रशासन मौन साधे हुए है। वक्ताओं ने कहा कि राज्य स्तरीय सम्मेलन में किसान, मजदूर व नौजवानों की समस्या के सवाल पर अखिल भारतीय किसान महासभा ने हमेशा संघर्ष किया है। इस अवसर पर ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा, शशिकांत सिंह, अफरोज आलम, अनिल पासवान, राकेश सिंह सुधाकर यादव आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता किस्मत यादव व संचालन ईश्वरी प्रसाद ने किया।
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इस मौके पर राजा राम सिंह ने कहा कि किसानों की जमीन विभिन्न परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए जबरन अधिग्रहीत कर ली जाती है। इस दौरान किसानों से जिन मुद्दों व सहूलियत पर समझौता होता है, उसे भी सरकारें पूरा नहीं कर रही हैं। किसान जबरन अपनी जमीन से बेदखल किए जा रहे हैं। प्रशासन व शासन गरीब किसानों की नहीं सुन रहा है। केन्द्र व प्रदेश सरकार दोनों की नीतियों किसान विरोधी हैं। किसानों के हितैषी होने का दावा करने वाली सरकारों की गलत नीतियों से किसान बर्बादी की कगार पर आ खड़ा हुआ है। कहा कि किसानों की जमीन का जबरिया अधिग्रहण, बिजली, खाद, पानी के सवाल पर अखिल भारतीय किसान महासभा किसानों के हितों के लिए संघर्ष करेगी। किसानों के ऊपर चौतरफा हमले हो रहे हैं, जिसे केन्द्र व प्रदेश सरकार दोनों की पूर्ण रूप से जिम्मेदार हैं। जनप्रतिनिधि किसानों की समस्याओं से किनारा कर रहे हैं।
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जनपद में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का आंदोलन दो सौ दिनों से अनवरत जारी है, लेकिन सरकार व प्रशासन मौन साधे हुए है। वक्ताओं ने कहा कि राज्य स्तरीय सम्मेलन में किसान, मजदूर व नौजवानों की समस्या के सवाल पर अखिल भारतीय किसान महासभा ने हमेशा संघर्ष किया है। इस अवसर पर ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा, शशिकांत सिंह, अफरोज आलम, अनिल पासवान, राकेश सिंह सुधाकर यादव आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता किस्मत यादव व संचालन ईश्वरी प्रसाद ने किया।
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