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Chandauli News: दो दिन बाद बारिश के आसार, धान की फसल को नुकसान की आशंका
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पीडीडीयू नगर। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती मौसम तंत्र के प्रभाव से 28 अक्टूबर से जिले में मौसम बदलने की संभावना है। गरज-चमक के साथ बारिश और तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का पूर्वानुमान है।
मौसम में संभावित बदलाव से धान की तैयार फसल पर नुकसान का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
जिले में इस समय धान की फसल पककर तैयार है और कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में बारिश और तेज हवा से खेतों में खड़ी फसल गिर सकती है। वहीं, बारिश से कटाई-मड़ाई प्रभावित होने और खेतों में पानी भरने का खतरा है।
खुले में रखी कटी फसल भी भीगकर खराब हो सकती है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने किसानों से पकी फसल की कटाई जल्द पूरी करने और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की अपील की है।
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उन्होंने कहा कि कटी हुई फसल को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि बारिश होने पर नुकसान से बचा जा सके। किसानों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह भी दी गई है।
राज्य कृषि एवं मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मौसम तंत्र में बदलाव के कारण 28 अक्टूबर से बारिश का एक और दौर शुरू होने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वांचल में बादलों की आवाजाही बढ़ने के साथ गरज-चमक और तेज हवा चल सकती है। क्या इसे दो दिन बाद लिखा जा सकता है
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मौसम में संभावित बदलाव से धान की तैयार फसल पर नुकसान का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
जिले में इस समय धान की फसल पककर तैयार है और कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में बारिश और तेज हवा से खेतों में खड़ी फसल गिर सकती है। वहीं, बारिश से कटाई-मड़ाई प्रभावित होने और खेतों में पानी भरने का खतरा है।
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खुले में रखी कटी फसल भी भीगकर खराब हो सकती है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने किसानों से पकी फसल की कटाई जल्द पूरी करने और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की अपील की है।
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उन्होंने कहा कि कटी हुई फसल को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि बारिश होने पर नुकसान से बचा जा सके। किसानों को मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह भी दी गई है।
राज्य कृषि एवं मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मौसम तंत्र में बदलाव के कारण 28 अक्टूबर से बारिश का एक और दौर शुरू होने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वांचल में बादलों की आवाजाही बढ़ने के साथ गरज-चमक और तेज हवा चल सकती है। क्या इसे दो दिन बाद लिखा जा सकता है