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जैविक खाद मिट्टी के लिए बेहतर
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Tue, 18 Oct 2016 01:45 AM IST
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स्टाल का निरीक्षण करते डीएम कुमार प्रशांत।
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जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने कहा कि किसान जैविक खाद का अधिक से अधिक प्रयोग करें, ताकि मृदा का स्वास्थ्य बेहतर हो। किसान कृषि के साथ आधुनिकीकरण, पशुपालन, मत्स्य पालन हेतु संचालित योजनाओं का लाभ उठाएं। फूलों एवं सब्जियों की खेती भी किसानों के लिए फायदेमंद है। डीएम सोमवार को कृषि विज्ञान केन्द्र में आयोजित जनपद स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी एवं किसान मेला को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सिल्ट सफाई का कार्य बुआई से पहले प्रत्येक दशा में पूर्ण करा लिये जाय। किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता पर निराकरण करें। सोलर पंप प्राथमिकता पर स्थापित कराये जाय।
किसानों से कहा कि मृदा परीक्षण में जिस तत्व की कमी है उसी के अनुसार उर्वरक का प्रयोग करते हुये उत्पादन में वृद्धि लायें। उन्होंने कृषकों से अपेक्षा की कि गोष्ठी में दी गयी जानकारियों से अपने क्षेत्र के अन्य कृषक बन्धुओं को अवगत करायें।
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मुख्य विकास अधिकारी एमपी सिंह ने कहा कि खाद, बीज, पानी की समस्या नहीं होगी। बीएचयू के मेडिसिनल केमेस्ट्री विभाग के प्रोफेसर यामिनी भूषण त्रिपाठी ने वन औषधियों के पौधे लगाये जाने पर जोर देते हुए कहा कि तालाबों के किनारे, अपने घर के आस-पास पौधरोपण कर उसकी पत्तियों, छाल का सेवन करके अपनी स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सकता है। नरेन्द्र देव कृषि विश्वविद्यालय के डा. आरए पाठक ने फलों के पेड़ लगाए जाने पर जोर दिया।
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उन्होंने कहा कि सिल्ट सफाई का कार्य बुआई से पहले प्रत्येक दशा में पूर्ण करा लिये जाय। किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता पर निराकरण करें। सोलर पंप प्राथमिकता पर स्थापित कराये जाय।
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किसानों से कहा कि मृदा परीक्षण में जिस तत्व की कमी है उसी के अनुसार उर्वरक का प्रयोग करते हुये उत्पादन में वृद्धि लायें। उन्होंने कृषकों से अपेक्षा की कि गोष्ठी में दी गयी जानकारियों से अपने क्षेत्र के अन्य कृषक बन्धुओं को अवगत करायें।
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मुख्य विकास अधिकारी एमपी सिंह ने कहा कि खाद, बीज, पानी की समस्या नहीं होगी। बीएचयू के मेडिसिनल केमेस्ट्री विभाग के प्रोफेसर यामिनी भूषण त्रिपाठी ने वन औषधियों के पौधे लगाये जाने पर जोर देते हुए कहा कि तालाबों के किनारे, अपने घर के आस-पास पौधरोपण कर उसकी पत्तियों, छाल का सेवन करके अपनी स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सकता है। नरेन्द्र देव कृषि विश्वविद्यालय के डा. आरए पाठक ने फलों के पेड़ लगाए जाने पर जोर दिया।