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संवादहीनता आत्महत्या का प्रमुख कारण : प्राे. दयाशंकर
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धानापुर कस्बा स्थित शहीद हीरा सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विश्व आत्महत्या निवारण दिवस के अवसर पर समाजशास्त्र विभाग की ओर से विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें प्रो. दयाशंकर सिंह यादव ने संवादहीनता को आत्महत्या का प्रमुख कारण बताया।
मुख्य अतिथि व वक्ता क रूप में आए सकलडीहा पीजी कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. दयाशंकर ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि आज समाज में सबसे बड़ी चुनौती संवाद का समाप्त होना है। यह स्थिति कहीं न कहीं आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाने का एक प्रमुख कारण बनती जा रही है। इससे बचाव के लिए आपसी संवाद का होना आवश्यक है।
अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ध्रुवभूषण सिंह ने युवाओं से तनाव, चिंता व अप्रासंगिक मान्यताओं में बदलाव लाने का आह्वान किया। इसके अलावा डॉ. प्रवेश कुमार सिंह व डॉ. प्रशांत मिश्र ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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इस मौके पर डॉ. किरन यादव, डॉ. लल्लन भारती, डॉ. प्रवीण वर्मा, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. मिथिलेश कुमार, डॉ. पुष्कर मिश्रा सहित महाविद्यालय के कई प्राध्यापक रहे। संचालन डॉ. प्रवेश कुमार सिंह ने किया जबकि विषय प्रवर्तन डॉ. संदीप कुमार यादव ने किया।
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मुख्य अतिथि व वक्ता क रूप में आए सकलडीहा पीजी कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. दयाशंकर ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि आज समाज में सबसे बड़ी चुनौती संवाद का समाप्त होना है। यह स्थिति कहीं न कहीं आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाने का एक प्रमुख कारण बनती जा रही है। इससे बचाव के लिए आपसी संवाद का होना आवश्यक है।
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अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ध्रुवभूषण सिंह ने युवाओं से तनाव, चिंता व अप्रासंगिक मान्यताओं में बदलाव लाने का आह्वान किया। इसके अलावा डॉ. प्रवेश कुमार सिंह व डॉ. प्रशांत मिश्र ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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इस मौके पर डॉ. किरन यादव, डॉ. लल्लन भारती, डॉ. प्रवीण वर्मा, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. मिथिलेश कुमार, डॉ. पुष्कर मिश्रा सहित महाविद्यालय के कई प्राध्यापक रहे। संचालन डॉ. प्रवेश कुमार सिंह ने किया जबकि विषय प्रवर्तन डॉ. संदीप कुमार यादव ने किया।