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पुलिस की जीप से लगा जाम
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Thu, 19 Nov 2015 01:48 AM IST
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नगर के सर्विस रोड पर बुधवार को अपराह्न दो बजे गलत दिशा से पुलिस की जीप के आने से लंबा जाम लग गया।
लोग एक घंटे तक जाम में फंसेे रहे। पुरानी बाजार से लेकर बबुरी रोड तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। एक तरफ जहां पुलिस महकमा यातायात माह मना रहा है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस की जीप के चलते लगे जाम की चर्चा रही।
जिले में यातायात माह का कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है।
खासकर मुख्यालय के प्रमुख स्थानों पर लगने वाले जाम की समस्या यथावत बनी हुई है। यहां एकल दिशा मार्ग का भी अनुपालन नहीं हो पा रहा है। कहीं लबे सड़क प्राइवेट वाहन चालक सवारी भर रहे हैं, तो कहीं वाहन बेतरकीब खड़े नजर आ जाएंगे। सबसे बुरा हाल सकलडीहा रोड स्थित रेलवे क्रासिंग का है।
यहां रेल फाटक बंद रहने के दौरान दोनों तरफ वाहन खड़े हो जाते हैं।
जब क्रासिंग खुलती है, तब यातायात सामान्य होने में काफी समय लग जाता है। दिलचस्प बात यह भी है कि क्रासिंग के पास ही यातायात विभाग की पिकेट भी है, जहां विभागीय कर्मचारी मौजूद रहते हैं।
लेकिन इस समस्या की तरफ उनका ध्यान नहीं जाता है।
हालत यह है कि यातायात माह केवल वाहनों की चेकिंग तक ही सिमट कर रह गया है। आम लोगों को महकमे के इस अभियान का कोई फायदा मिलता नजर नहीं आ रहा है।
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लोग एक घंटे तक जाम में फंसेे रहे। पुरानी बाजार से लेकर बबुरी रोड तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। एक तरफ जहां पुलिस महकमा यातायात माह मना रहा है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस की जीप के चलते लगे जाम की चर्चा रही।
जिले में यातायात माह का कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है।
खासकर मुख्यालय के प्रमुख स्थानों पर लगने वाले जाम की समस्या यथावत बनी हुई है। यहां एकल दिशा मार्ग का भी अनुपालन नहीं हो पा रहा है। कहीं लबे सड़क प्राइवेट वाहन चालक सवारी भर रहे हैं, तो कहीं वाहन बेतरकीब खड़े नजर आ जाएंगे। सबसे बुरा हाल सकलडीहा रोड स्थित रेलवे क्रासिंग का है।
यहां रेल फाटक बंद रहने के दौरान दोनों तरफ वाहन खड़े हो जाते हैं।
जब क्रासिंग खुलती है, तब यातायात सामान्य होने में काफी समय लग जाता है। दिलचस्प बात यह भी है कि क्रासिंग के पास ही यातायात विभाग की पिकेट भी है, जहां विभागीय कर्मचारी मौजूद रहते हैं।
लेकिन इस समस्या की तरफ उनका ध्यान नहीं जाता है।
हालत यह है कि यातायात माह केवल वाहनों की चेकिंग तक ही सिमट कर रह गया है। आम लोगों को महकमे के इस अभियान का कोई फायदा मिलता नजर नहीं आ रहा है।