{"_id":"57d5b9a94f1c1b3d3b31c9ed","slug":"government-whipped","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार को कोसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार को कोसा
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Mon, 12 Sep 2016 01:38 AM IST
विज्ञापन
सदर ब्लाक परिसर में आयोजित बैठक को संबोधित करते कैलाशपति।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्राम पंचायत अधिकारी संघ जिला इकाई की बैठक सदर ब्लाक परिसर सभागार में हुई। इसमें संगठन सहित तमाम बिंदुओं पर चर्चा की गई। साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों के साथ किए जा रहे सौतेला व्यवहार की भर्त्सना की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारी समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन समस्याओं के समाधान के प्रति प्रदेश सरकार पूरी तरह उदासीन है।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष कैलापति सिंह ने कहा कि प्रदेश में सातवें वेतन आयोग अगर लागू हुआ तो इससे कर्मचारियों को फायदा नहीं हो पाएगा, क्योंकि इसमें तमाम विंसगतियां हैं, जिन्हें दूर करना बहुत जरूरी है। विंसगतियों को दूर किया बिना सातवें वेतन आयोग का लाभ कर्मचारियों को मिलना संभव नहीं है। कहा कि हम सभी को अपने हक और अधिकार के लिए संगठित होकर संघर्ष करने के लिए तत्पर रहना होगा। प्रदेश सरकार पंचायती राज कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है। पंचायती राज विभाग को ग्राम्य विकास विभाग के अधीन किया जा रहा है सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से अनुचित है। इससे कर्मचारियों में असंतोष का भाव उत्पन्न होगा। इस अवसर पर युगल किशोर चतुर्वेदी, रमेश सिंह, आलोक त्रिपाठी, रामसूरत आदि उपस्थित रहे। संचालन श्रीनिवास मिश्रा ने किया।
विज्ञापन
इस मौके पर जिलाध्यक्ष कैलापति सिंह ने कहा कि प्रदेश में सातवें वेतन आयोग अगर लागू हुआ तो इससे कर्मचारियों को फायदा नहीं हो पाएगा, क्योंकि इसमें तमाम विंसगतियां हैं, जिन्हें दूर करना बहुत जरूरी है। विंसगतियों को दूर किया बिना सातवें वेतन आयोग का लाभ कर्मचारियों को मिलना संभव नहीं है। कहा कि हम सभी को अपने हक और अधिकार के लिए संगठित होकर संघर्ष करने के लिए तत्पर रहना होगा। प्रदेश सरकार पंचायती राज कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है। पंचायती राज विभाग को ग्राम्य विकास विभाग के अधीन किया जा रहा है सरकार का यह निर्णय पूरी तरह से अनुचित है। इससे कर्मचारियों में असंतोष का भाव उत्पन्न होगा। इस अवसर पर युगल किशोर चतुर्वेदी, रमेश सिंह, आलोक त्रिपाठी, रामसूरत आदि उपस्थित रहे। संचालन श्रीनिवास मिश्रा ने किया।
विज्ञापन