{"_id":"585d80854f1c1b1864e3ca6e","slug":"gm-will-be-recorded-on-the-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएम पर दर्ज होगा केस ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएम पर दर्ज होगा केस
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 24 Dec 2016 01:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आरक्षित वन्यजीव क्षेत्र में लगे मोबाइल टावरों को लेकर वनविभाग बीएसएनएल के महाप्रबंधक वाराणसी पर वन अपराध का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। निर्माण एजेंसी ने वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को ऑन लाइन प्रस्ताव दिया था लेकिन मंजूरी मिले बगैर टावर लगा दिया। मंत्रालय ने प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर से पूछा है कि स्वीकृति के बगैर निर्माण क्यों हुआ। इस मामले में तत्कालीन एसपी से विभाग पत्राचार करेगा कि बीएसएनएल का टावर सिंचाई विभाग के बंगले में स्थापित पुलिस चौकी औरवांटाड़ के कैंपस में लगना था तो निर्माण आरक्षित वनक्षेत्र में कैसे हुआ।
काशी वन्यजीव प्रभाग रामनगर के नौगढ़ रेंज के वनक्षेत्र औरवाटांड़ में तथा थाना चकरघट्टा के नए भवन में पूर्व वर्ष 2014 में बीएसएनएल के नए टावर स्थापित किए गए थे। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मुनिराज जी द्वारा वनविभाग को बताया गया कि सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चौकी औरवाटांड़ एवं थाना चकरघट्टा के परिसर में ही टावर लगेगा। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने चकरघट्टा के लिए तो एनओसी जारी दिया लेकिन टावर लगाने की अनुमति नहीं दी थी। जबकि औरवाटांड के लिए प्रस्ताव के बाद भी एनओसी नहीं जारी किया। बावजूद इसके बीएसएनएल टावर लगाने वाली निर्माण एजेंसी ने पुलिस चौकी कैंपस में न लगाकर आरक्षित वनक्षेत्र में टावर लगा दिया गया। दो वर्ष बाद जांच के दौरान जब केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को पता चला तो वहां के अधिकारियों ने काशी वन्यजीव क्षेत्र के अधिकारियों से निर्माण के संबंध में सवाल जवाब किया।
डीएफओ रामनगर गोपाल झा ने बताया कि वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा किए गए सवाल के प्रत्युत्तर में बीएसएनएल के महाप्रबंधक वाराणसी केपी सिंह ने अगर दस दिनों में जवाब नहीं दिया तो उनके ऊपर आरक्षित वनभूमि पर अतिक्रमण करने का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। नियमों के उल्लंघन को लेकर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को भी इस संबंध में नोटिस जारी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
काशी वन्यजीव प्रभाग रामनगर के नौगढ़ रेंज के वनक्षेत्र औरवाटांड़ में तथा थाना चकरघट्टा के नए भवन में पूर्व वर्ष 2014 में बीएसएनएल के नए टावर स्थापित किए गए थे। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मुनिराज जी द्वारा वनविभाग को बताया गया कि सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चौकी औरवाटांड़ एवं थाना चकरघट्टा के परिसर में ही टावर लगेगा। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने चकरघट्टा के लिए तो एनओसी जारी दिया लेकिन टावर लगाने की अनुमति नहीं दी थी। जबकि औरवाटांड के लिए प्रस्ताव के बाद भी एनओसी नहीं जारी किया। बावजूद इसके बीएसएनएल टावर लगाने वाली निर्माण एजेंसी ने पुलिस चौकी कैंपस में न लगाकर आरक्षित वनक्षेत्र में टावर लगा दिया गया। दो वर्ष बाद जांच के दौरान जब केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को पता चला तो वहां के अधिकारियों ने काशी वन्यजीव क्षेत्र के अधिकारियों से निर्माण के संबंध में सवाल जवाब किया।
विज्ञापन
डीएफओ रामनगर गोपाल झा ने बताया कि वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा किए गए सवाल के प्रत्युत्तर में बीएसएनएल के महाप्रबंधक वाराणसी केपी सिंह ने अगर दस दिनों में जवाब नहीं दिया तो उनके ऊपर आरक्षित वनभूमि पर अतिक्रमण करने का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। नियमों के उल्लंघन को लेकर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को भी इस संबंध में नोटिस जारी की जा रही है।
विज्ञापन