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राजघाट से पड़ाव-डांडी तक पांच किमी लगा लंबा जाम
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पड़ाव में लगा जाम
- फोटो : CHANDAULI
पड़ाव। यातायात विभाग की ओर से की गई ट्रैफिक व्यवस्था की एक बार फिर पोल खुल गई। सोमवार को राजघाट पुल से पड़ाव और डांडी तक यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई और पांच किमी लंबा जाम लग गया। पांच किमी की दूरी तय करने में 50 मिनट का समय लग गया। सुबह 10 बजे से जाम लगना शुरू हुआ तो शाम चार बजे तक वाहन सड़क पर रेंगते रहे। करीब छह घंटे तक राहगीर जाम में फंसे रहे। जब वाहनों का आवागमन कुछ कम हुआ तब जाकर वाहनों के पहिए हिले।
सबसे खराब हालत पड़ाव चौराहे की हो गई। वहां से पीडीडीयू नगर मार्ग, रामनगर, बहादुरपुर और वाराणसी मार्ग पूरी तरह से जाम हो गया। इन मार्गों पर वाहनों के पहिए जहां के तहां थम गए। सोमवार को पड़ाव चौराहे पर सुबह लगभग 10 बजे जाम लगना शुरू हुआ। शुरूआती दौर में पड़ाव चौराहे पर तैनात पुलिस के जवान ध्यान नहीं दिए और दिन के साढ़े 11 बजे तक पूरा इलाका वाहनों की चपेट में आ गया। जो जहां फंसा वहीं घंटों इंतजार करना पड़ा।
पड़ाव चौराहे पर आटो के बेतरतीब खड़े होने, चंदासी मंडी से ट्रकों के आवागमन और लगन के चलते वाहनों के दबाव से जाम लगता गया। हाल यह हो गया कि राजघाट पुल से लेकर पड़ाव और डांडी तक, रामनगर और बहादुरपुर मार्ग पर जाना दुश्वार हो गया। जल्दी निकलने के चक्कर में बाइक सवार और छोटे वाहनों के आड़े तिरछे घुसने से और स्थिति खराब हो गई। दोपहर डेढ़ बजे तक हालात यह हो गए कि पड़ाव चौराहे से निकलने के लिए लोगों ने गलियों का सहारा लिया तो वहां भी जाम लग गया। जाम के हालात को देखकर पुलिस भी बेबस नजर आई।
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पुलिस, एंबुलेंस और शव वाहन फंसे रहे
पड़ाव। जाम में सामान्य नागरिकों के साथ ही पुलिस, एंबुलेंस और शव लेकर वाहन फंस गए। ट्रक, दो पहिया, चार पहिया सहित मैजिक और अन्य वाहनों के चलते कहीं से भी निकलने की जगह नहीं थी। दो बजे के बाद थोड़ी राहत हुई तब जाकर वाहन खिसकने लगे लेकिन जाम से निकलने में लोगों को चार बजे के बाद राहत मिल सकी। वहीं शाम छह बजे फिर लगन और बारात के वाहनों के चलते पड़ाव चौराहे पर कुछ देर के लिए जाम लग गया। लेकिन पुलिस ने किसी तरह इसे खत्म करा दिया।
गलियों से निकलना भी हो गया मुश्किल
पड़ाव। स्थानीय चौराहे से रामनगर, बहादुरपुर, पीडीडीयू नगर और वाराणसी मुख्य मार्ग पर वाहनों के खड़ा होने से लोगों ने चौराहे से गलियों की ओर रुख किया। लेकिन गलियां संकरी होने और जल्दी निकलने के चक्कर में वहां भी जाम लग गया। चौराहे पर कुछ देर तक तक पुलिस ने जाम छुड़ाने का प्रयास किया लेकिन स्थिति जब अनियंत्रित हो गई तो पुलिस भी हाथ पर हाथ रखकर बैठ गई। इसके बाद तो रेंगते वाहनों के पहिए फिर जहां के तहां थम गए। इसके बाद शाम चार बजे किसी तरह जब वाहन कम हुए तो जाम छूटा।
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राजघाट से पड़ाव-डांडी तक पांच किमी लगा लंबा जाम
सुबहस 10 बजे से चार बजे तक जाम में परेशान रहे राहगीर
बेपटरी हुई यातायात व्यवस्था को संभालन में पुलिस के छूटे पसीने
संवाद न्यूज एजेंसी
पड़ाव। यातायात विभाग की ओर से की गई ट्रैफिक व्यवस्था की एक बार फिर पोल खुल गई। सोमवार को राजघाट पुल से पड़ाव और डांडी तक यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई और पांच किमी लंबा जाम लग गया। पांच किमी की दूरी तय करने में 50 मिनट का समय लग गया। सुबह 10 बजे से जाम लगना शुरू हुआ तो शाम चार बजे तक वाहन सड़क पर रेंगते रहे। करीब छह घंटे तक राहगीर जाम में फंसे रहे। जब वाहनों का आवागमन कुछ कम हुआ तब जाकर वाहनों के पहिए हिले।
सबसे खराब हालत पड़ाव चौराहे की हो गई। वहां से पीडीडीयू नगर मार्ग, रामनगर, बहादुरपुर और वाराणसी मार्ग पूरी तरह से जाम हो गया। इन मार्गों पर वाहनों के पहिए जहां के तहां थम गए। जाम का कारण कि अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था पटरियों पर अतिक्रमण, पड़ाव चौराहे पर आटो के खड़े होने और लगन के चलते वाहनों के दबाव था। इसके चलते पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई। जाम की स्थिति यह रही कि पुलिस भी बेबस दिखी और जाम छुड़ाने में पसीने छूट गए। सोमवार को पड़ाव चौराहे पर सुबह लगभग 10 बजे जाम लगना शुरू हुआ। शुरूआती दौर में पड़ाव चौराहे पर तैनात पुलिस के जवान ध्यान नहीं दिए और दिन के साढ़े 11 बजे तक पूरा इलाका वाहनों की चपेट में आ गया। जो जहां फंसा वहीं घंटों इंतजार करना पड़ा।
पड़ाव चौराहे पर आटो के बेतरतीब खड़े होने, चंदासी मंडी से ट्रकों के आवागमन और लगन के चलते वाहनों के दबाव से जाम लगता गया। हाल यह हो गया कि राजघाट पुल से लेकर पड़ाव और डांडी तक, रामनगर और बहादुरपुर मार्ग पर जाना दुश्वार हो गया। जल्दी निकलने के चक्कर में बाइक सवार और छोटे वाहनों के आड़े तिरछे घुसने से और स्थिति खराब हो गई। दोपहर डेढ़ बजे तक हालात यह हो गए कि पड़ाव चौराहे से निकलने के लिए लोगों ने गलियों का सहारा लिया तो वहां भी जाम लग गया। जाम के हालात को देखकर पुलिस भी बेबस नजर आई।
पुलिस, एंबुलेंस और शव वाहन फंसे रहे
पड़ाव। जाम में सामान्य नागरिकों के साथ ही पुलिस, एंबुलेंस और शव लेकर वाहन फंस गए। ट्रक, दो पहिया, चार पहिया सहित मैजिक और अन्य वाहनों के चलते कहीं से भी निकलने की जगह नहीं थी। दो बजे के बाद थोड़ी राहत हुई तब जाकर वाहन खिसकने लगे लेकिन जाम से निकलने में लोगों को चार बजे के बाद राहत मिल सकी। वहीं शाम छह बजे फिर लगन और बारात के वाहनों के चलते पड़ाव चौराहे पर कुछ देर के लिए जाम लग गया। लेकिन पुलिस ने किसी तरह इसे खत्म करा दिया।
गलियों से निकलने था मुश्किल
पड़ाव। स्थानीय चौराहे से रामनगर, बहादुरपुर, पीडीडीयू नगर और वाराणसी मुख्य मार्ग पर वाहनों के खड़ा होने से लोगों ने चौराहे से गलियों की ओर रुख किया। लेकिन गलियां संकरी होने और जल्दी निकलने के चक्कर में वहां भी जाम लग गया। चौराहे पर कुछ देर तक तक पुलिस ने जाम छुड़ाने का प्रयास किया लेकिन स्थिति जब अनियंत्रित हो गई तो पुलिस भी हाथ पर हाथ रखकर बैठ गई। इसके बाद तो रेंगते वाहनों के पहिए फिर जहां के तहां थम गए। इसके बाद शाम चार बजे किसी तरह जब वाहन कम हुए तो जाम छूटा।
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सबसे खराब हालत पड़ाव चौराहे की हो गई। वहां से पीडीडीयू नगर मार्ग, रामनगर, बहादुरपुर और वाराणसी मार्ग पूरी तरह से जाम हो गया। इन मार्गों पर वाहनों के पहिए जहां के तहां थम गए। सोमवार को पड़ाव चौराहे पर सुबह लगभग 10 बजे जाम लगना शुरू हुआ। शुरूआती दौर में पड़ाव चौराहे पर तैनात पुलिस के जवान ध्यान नहीं दिए और दिन के साढ़े 11 बजे तक पूरा इलाका वाहनों की चपेट में आ गया। जो जहां फंसा वहीं घंटों इंतजार करना पड़ा।
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पड़ाव चौराहे पर आटो के बेतरतीब खड़े होने, चंदासी मंडी से ट्रकों के आवागमन और लगन के चलते वाहनों के दबाव से जाम लगता गया। हाल यह हो गया कि राजघाट पुल से लेकर पड़ाव और डांडी तक, रामनगर और बहादुरपुर मार्ग पर जाना दुश्वार हो गया। जल्दी निकलने के चक्कर में बाइक सवार और छोटे वाहनों के आड़े तिरछे घुसने से और स्थिति खराब हो गई। दोपहर डेढ़ बजे तक हालात यह हो गए कि पड़ाव चौराहे से निकलने के लिए लोगों ने गलियों का सहारा लिया तो वहां भी जाम लग गया। जाम के हालात को देखकर पुलिस भी बेबस नजर आई।
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पुलिस, एंबुलेंस और शव वाहन फंसे रहे
पड़ाव। जाम में सामान्य नागरिकों के साथ ही पुलिस, एंबुलेंस और शव लेकर वाहन फंस गए। ट्रक, दो पहिया, चार पहिया सहित मैजिक और अन्य वाहनों के चलते कहीं से भी निकलने की जगह नहीं थी। दो बजे के बाद थोड़ी राहत हुई तब जाकर वाहन खिसकने लगे लेकिन जाम से निकलने में लोगों को चार बजे के बाद राहत मिल सकी। वहीं शाम छह बजे फिर लगन और बारात के वाहनों के चलते पड़ाव चौराहे पर कुछ देर के लिए जाम लग गया। लेकिन पुलिस ने किसी तरह इसे खत्म करा दिया।
गलियों से निकलना भी हो गया मुश्किल
पड़ाव। स्थानीय चौराहे से रामनगर, बहादुरपुर, पीडीडीयू नगर और वाराणसी मुख्य मार्ग पर वाहनों के खड़ा होने से लोगों ने चौराहे से गलियों की ओर रुख किया। लेकिन गलियां संकरी होने और जल्दी निकलने के चक्कर में वहां भी जाम लग गया। चौराहे पर कुछ देर तक तक पुलिस ने जाम छुड़ाने का प्रयास किया लेकिन स्थिति जब अनियंत्रित हो गई तो पुलिस भी हाथ पर हाथ रखकर बैठ गई। इसके बाद तो रेंगते वाहनों के पहिए फिर जहां के तहां थम गए। इसके बाद शाम चार बजे किसी तरह जब वाहन कम हुए तो जाम छूटा।
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राजघाट से पड़ाव-डांडी तक पांच किमी लगा लंबा जाम
सुबहस 10 बजे से चार बजे तक जाम में परेशान रहे राहगीर
बेपटरी हुई यातायात व्यवस्था को संभालन में पुलिस के छूटे पसीने
संवाद न्यूज एजेंसी
पड़ाव। यातायात विभाग की ओर से की गई ट्रैफिक व्यवस्था की एक बार फिर पोल खुल गई। सोमवार को राजघाट पुल से पड़ाव और डांडी तक यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई और पांच किमी लंबा जाम लग गया। पांच किमी की दूरी तय करने में 50 मिनट का समय लग गया। सुबह 10 बजे से जाम लगना शुरू हुआ तो शाम चार बजे तक वाहन सड़क पर रेंगते रहे। करीब छह घंटे तक राहगीर जाम में फंसे रहे। जब वाहनों का आवागमन कुछ कम हुआ तब जाकर वाहनों के पहिए हिले।
सबसे खराब हालत पड़ाव चौराहे की हो गई। वहां से पीडीडीयू नगर मार्ग, रामनगर, बहादुरपुर और वाराणसी मार्ग पूरी तरह से जाम हो गया। इन मार्गों पर वाहनों के पहिए जहां के तहां थम गए। जाम का कारण कि अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था पटरियों पर अतिक्रमण, पड़ाव चौराहे पर आटो के खड़े होने और लगन के चलते वाहनों के दबाव था। इसके चलते पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई। जाम की स्थिति यह रही कि पुलिस भी बेबस दिखी और जाम छुड़ाने में पसीने छूट गए। सोमवार को पड़ाव चौराहे पर सुबह लगभग 10 बजे जाम लगना शुरू हुआ। शुरूआती दौर में पड़ाव चौराहे पर तैनात पुलिस के जवान ध्यान नहीं दिए और दिन के साढ़े 11 बजे तक पूरा इलाका वाहनों की चपेट में आ गया। जो जहां फंसा वहीं घंटों इंतजार करना पड़ा।
पड़ाव चौराहे पर आटो के बेतरतीब खड़े होने, चंदासी मंडी से ट्रकों के आवागमन और लगन के चलते वाहनों के दबाव से जाम लगता गया। हाल यह हो गया कि राजघाट पुल से लेकर पड़ाव और डांडी तक, रामनगर और बहादुरपुर मार्ग पर जाना दुश्वार हो गया। जल्दी निकलने के चक्कर में बाइक सवार और छोटे वाहनों के आड़े तिरछे घुसने से और स्थिति खराब हो गई। दोपहर डेढ़ बजे तक हालात यह हो गए कि पड़ाव चौराहे से निकलने के लिए लोगों ने गलियों का सहारा लिया तो वहां भी जाम लग गया। जाम के हालात को देखकर पुलिस भी बेबस नजर आई।
पुलिस, एंबुलेंस और शव वाहन फंसे रहे
पड़ाव। जाम में सामान्य नागरिकों के साथ ही पुलिस, एंबुलेंस और शव लेकर वाहन फंस गए। ट्रक, दो पहिया, चार पहिया सहित मैजिक और अन्य वाहनों के चलते कहीं से भी निकलने की जगह नहीं थी। दो बजे के बाद थोड़ी राहत हुई तब जाकर वाहन खिसकने लगे लेकिन जाम से निकलने में लोगों को चार बजे के बाद राहत मिल सकी। वहीं शाम छह बजे फिर लगन और बारात के वाहनों के चलते पड़ाव चौराहे पर कुछ देर के लिए जाम लग गया। लेकिन पुलिस ने किसी तरह इसे खत्म करा दिया।
गलियों से निकलने था मुश्किल
पड़ाव। स्थानीय चौराहे से रामनगर, बहादुरपुर, पीडीडीयू नगर और वाराणसी मुख्य मार्ग पर वाहनों के खड़ा होने से लोगों ने चौराहे से गलियों की ओर रुख किया। लेकिन गलियां संकरी होने और जल्दी निकलने के चक्कर में वहां भी जाम लग गया। चौराहे पर कुछ देर तक तक पुलिस ने जाम छुड़ाने का प्रयास किया लेकिन स्थिति जब अनियंत्रित हो गई तो पुलिस भी हाथ पर हाथ रखकर बैठ गई। इसके बाद तो रेंगते वाहनों के पहिए फिर जहां के तहां थम गए। इसके बाद शाम चार बजे किसी तरह जब वाहन कम हुए तो जाम छूटा।