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Chandauli News: टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ 15 को देगा ज्ञापन
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चहनिया। टेट की अनिवार्यता को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के नेतृत्व में प्रदेश के 75 जिलों सहित देश के शिक्षक सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर को जो आदेश दिया गया। उसके विरोध में 15 सितंबर को प्रधानमंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंप कर फैसले में संशोधित करने का आग्रह किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि यह फैसला देश के लगभग 15 से 20 लाख शिक्षको के नौकरी को प्रभावित कर रही है। यदि इसमें संसोधन नहीं होता है तो लाखों लोगों की आजीविका पर संकट आ जायेगी।
उन्होंने कहा कि यह फैसला न्यायोचित नहीं क्योंकिं नियुक्ति हुई तब शिक्षक सारी अहर्ताओं को पूरा कर चयनित हुआ और बीच मे नियम बदलकर उसे हटाना कहीं से जनहित में नही है। जिला महामंत्री इम्तियाज खान ने कहा कि पूर्व में यह कार्यक्रम 12 सितंबर को होना था, लेकिन बाद में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बैठक कर निर्णय लिया कि यह पूरे देश का मामला है न कि किसी का प्रदेश का लड़ाई पूरे देश में एक साथ लड़ी जाएगी।
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इसलिए देश के सभी जनपदों में इस काला कानून को वापस करने के लिए प्रधानमंत्री को ज्ञापन देकर आग्रह किया जाएगा। एबीआरएसएम के अध्यक्ष प्रो नारायण लाल गुप्ता ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सरकार रिव्यू में जाकर इस फैसले को बदलने का कार्य करे या लोकसभा में कानून में संसोधन कर देश के 20 लाख शिक्षकों के भविष्य को संरक्षित करने का कार्य करे ताकि लाखों शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो सके ।
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जिलाध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि यह फैसला देश के लगभग 15 से 20 लाख शिक्षको के नौकरी को प्रभावित कर रही है। यदि इसमें संसोधन नहीं होता है तो लाखों लोगों की आजीविका पर संकट आ जायेगी।
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उन्होंने कहा कि यह फैसला न्यायोचित नहीं क्योंकिं नियुक्ति हुई तब शिक्षक सारी अहर्ताओं को पूरा कर चयनित हुआ और बीच मे नियम बदलकर उसे हटाना कहीं से जनहित में नही है। जिला महामंत्री इम्तियाज खान ने कहा कि पूर्व में यह कार्यक्रम 12 सितंबर को होना था, लेकिन बाद में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बैठक कर निर्णय लिया कि यह पूरे देश का मामला है न कि किसी का प्रदेश का लड़ाई पूरे देश में एक साथ लड़ी जाएगी।
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इसलिए देश के सभी जनपदों में इस काला कानून को वापस करने के लिए प्रधानमंत्री को ज्ञापन देकर आग्रह किया जाएगा। एबीआरएसएम के अध्यक्ष प्रो नारायण लाल गुप्ता ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सरकार रिव्यू में जाकर इस फैसले को बदलने का कार्य करे या लोकसभा में कानून में संसोधन कर देश के 20 लाख शिक्षकों के भविष्य को संरक्षित करने का कार्य करे ताकि लाखों शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो सके ।