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चंदौली हत्याकांड: बदले की आग में हुई थी प्रधानपति की हत्या, पूर्व प्रधान के दोस्त ने शूटरों से चलवाई गोलियां

Sun, 06 Jun 2021 07:39 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली
अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 06 Jun 2021 07:39 PM IST
सार

मनोज की हत्या का बदला लेने और पंकज की पत्नी के प्रधान बनने पर कोटा छिन जाने का डर था। प्रधानपति की हत्या में पूर्व प्रधान के परिजनों ने भी साथ दिया था।

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Chandauli murder case: village head pradhan husband murder for take revenge
हत्यारोपी धर्मेंद्र, पंकज सिंह (मृतक)। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

चंदौली जिले के बलुआ थाना क्षेत्र के महड़ौरा गांव के प्रधानपति पंकज सिंह की हत्या पूर्व प्रधान मनोज यादव के जिगरी दोस्त परमेश्वर यादव ने उनके परिजनों के साथ मिलकर तीन शूटरों से कराई थी। बलुआ पुलिस ने रविवार को शाम चार बजे हत्यारोपी धमेंद्र यादव(36) को महड़ौरा-चहनियां मार्ग पर भगवानपुर गांव के पास नहर पुलिया पर पकड़ लिया। धमेंद्र ने हत्या की पूरी योजना बताई।

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उसने बताया कि मेरे चचेरे भाई पूर्व प्रधान मनोज यादव ने परमेश्वर को कोटा दिलाया था। इधर पंकज की पत्नी संगीता प्रधान बन गई तो उसे डर था कि अब पंकज कोटा छीन लेगा। हत्या का यह भी एक सबसे बड़ा कारण था।
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पुलिस की पूछताछ में धमेंद्र यादव ने बताया कि मेरे चचेरे भाई और पूर्व प्रधान मनोज यादव की हत्या 2020 में पंकज सिंह उर्फ नित्यानंद सिंह और उसके साथियों ने की थी। जिसमें वे जेल भी गए थे। मनोज यादव की हत्या के बाद उनके जिगरी दोस्त परमेश्वर यादव, मैं और मेरे खानदान के संतोष यादव और राजनारायण यादव अंदर ही अंदर बदले की भावना से सुलग रहे थे। परमेश्वर यादव को पूर्व प्रधाना मनोज ने कोटा भी दिलवाया था।

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Chandauli murder case: village head pradhan husband murder for take revenge
नवनिर्वाचित प्रधान के पति की गोली मारकर हत्या - फोटो : अमर उजाला

पंकज 2021 में जेल से छूटकर घर आ गया। पंचायत चुनाव में पूर्व प्रधान मनोज यादव की पत्नी ममता यादव और पंकज सिंह की पत्नी संगीता सिंह प्रत्याशी थी। संगीता चुनाव जीत गई। जिससे परमेश्वर को लगा कि पत्नी के प्रधान बनने के बाद पंकज उसका कोटे का दुकान छीन लेगा। ऐसे में उसने और हमलोगों ने मिलकर जल्द जल्द पंकज को निबटाने की योजना बनाई।

हत्या के दस दिन पूर्व परमेश्वर यादव उर्फ पिंटू यादव ने शूटरों का प्रबंध करने और उन्हें असलहा आदि की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी ली। धमेंद्र ने बताया कि घटना से कई दिन पूर्व मैने शूटरों से पंकज की रेकी भी कराई थी। एक जून को पंकज अपने ट्यूबवेल के पास बैठा दिखा। मैं फौरन संतोष के घर गया, जहां पहले से शूटर और परमेश्वर यादव मौजूद थे। हम लोग दो मोटरसाइकिल से पंकज के पास पहुंचे। एक बाइक पर मैं, परमेश्वर और एक शूटर था।

पंकज के पास पहुंचने के बाद परमेश्वर ने शूटर से इशारा किया और शूटर ने पंकज को लक्ष्य कर गोली दाग दी। पंकज दक्षिण दिशा में भागा, जहां संतोष की बाइक पर मौजूद दो शूटरों ने उसे गोलियों से छलनी कर दिया। धर्मेंद्र ने बताया कि घटना के बाद हम लोग पूर्व दिशा की ओर भागे। मैं रास्ते में उतरकर आजमगढ़ चला गया बाकि लोग कहां गए नहीं मुझे नहीं पता। उसने बताया कि रविवार को मैं आजमगढ़ से भगवानपुर आकर किसी और ठिकाने पर जाने के फिराक में था कि पुलिस ने मुझे पकड़ लिया।
 

एसपी अमित कुमार ने बताया कि प्रधानपति की हत्या मामले में पुलिस ने भगवानपुर गांव के नहर की पुलिया के पास से एक आरोपी धर्मेंद्र यादव को तब पकड़ लिया, जब वह कहीं और जाने के फिराक में था। उसने हत्या की पूरी योजना के बारे में पुलिस को जानकारी दी है। उस पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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