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कलाकारों ने खूब दिखाई मेधा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Mon, 08 Feb 2016 01:38 AM IST
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प्रणव संगीत संस्थान के ततवावधान में गया कालोनी स्थित मानस सेवा संस्थान में शनिवार की शाम शास्त्रीय संगीत की सुरसरी बही।
यहां नए पुराने शास्त्रीय गायन, वादन और नृत्य कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विशेष कर कत्थक नृत्य ने लोगों को मोहित किया।
कार्यक्रम की शुरूआत पंडित जयदेव की अष्टपदी से हुआ। कांचन बनर्जी, कुणाल वर्मा और मोनिका बनर्जी ने इसे अपना स्वर दिया।
इसके बाद साहित्यकार रामदेव सिंह ने पंडित ओंकारनाथ ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण किया। संगीत कार्यक्रम की कड़ी में माता प्रसाद मिश्र व रविशंकर मिश्र की शिष्या बाल कलाकार अंतरादास गुप्ता ने कत्थक नृत्य से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
अभिजीतदास गुप्ता ने तबले और आनंद कुमार ने हारमोनियम पर संगत की। कुणाल वर्मा ने राग बागेश्री में बड़ा और छोटा ख्याल के बाद माता कालिका भजन सुनाकर श्रोताओं को रसासिक्त किया। विजय शंकर मिश्र ने स्वतंत्र तबला वादन कर श्रोताओं की वाहवाही लूटी।
प्रोसेनजीत दास गुप्ता ने गिटार पर राग दरबारी की अवतारणा की।
तबले पर अभीजीत दास गुप्ता ने संगत की। इस मौके पर प्रतुलेश मुखर्जी, संदीप बनर्जी, मिलन राय, सुधीर भाष्कर, गौरव बनर्जी, सोमनाथ बनर्जी,गुड्डू तिवारी, शंकर भट्टाचार्य, मोनिका बनर्जी आदि रहे।
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यहां नए पुराने शास्त्रीय गायन, वादन और नृत्य कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विशेष कर कत्थक नृत्य ने लोगों को मोहित किया।
कार्यक्रम की शुरूआत पंडित जयदेव की अष्टपदी से हुआ। कांचन बनर्जी, कुणाल वर्मा और मोनिका बनर्जी ने इसे अपना स्वर दिया।
इसके बाद साहित्यकार रामदेव सिंह ने पंडित ओंकारनाथ ठाकुर के चित्र पर माल्यार्पण किया। संगीत कार्यक्रम की कड़ी में माता प्रसाद मिश्र व रविशंकर मिश्र की शिष्या बाल कलाकार अंतरादास गुप्ता ने कत्थक नृत्य से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
अभिजीतदास गुप्ता ने तबले और आनंद कुमार ने हारमोनियम पर संगत की। कुणाल वर्मा ने राग बागेश्री में बड़ा और छोटा ख्याल के बाद माता कालिका भजन सुनाकर श्रोताओं को रसासिक्त किया। विजय शंकर मिश्र ने स्वतंत्र तबला वादन कर श्रोताओं की वाहवाही लूटी।
प्रोसेनजीत दास गुप्ता ने गिटार पर राग दरबारी की अवतारणा की।
तबले पर अभीजीत दास गुप्ता ने संगत की। इस मौके पर प्रतुलेश मुखर्जी, संदीप बनर्जी, मिलन राय, सुधीर भाष्कर, गौरव बनर्जी, सोमनाथ बनर्जी,गुड्डू तिवारी, शंकर भट्टाचार्य, मोनिका बनर्जी आदि रहे।