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दलालों के जरिये ही होता है सब काम
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Sat, 18 Jun 2016 01:32 AM IST
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एआरटीओ का दफ्तर
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पचफेड़वा स्थित उपसंभागीय कार्यालय पर समय पर दफ्तर में काम शुरू नहीं हो पाता है। यहां दलालों की मदद बिना कोई भी काम करना बहुत मुश्किल है। दलालों ने हर काम का रेट तय कर रखा है। काम आसानी से न हो पाने के कारण लोग दलालों की मदद लेने को विवश हैं।
शु्क्रवार की सुबह दस बजे पचफेड़वा स्थित उपसंभागीय परिवहन कार्यालय पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोग जुट गए। पूछताछ काउंटर भी खुल गया लेकिन अन्य कमरों में तालाबंद रहा। हालांकि आसपास में फोटो स्टेट आदि की एक दर्जन दूकानें खुली रहीं और यहां लाइसेंस बनवाने के लिए फार्म आदि भरने का काम जारी रहा। यही नहीं कार्यालय के बाहर कुछ दलाल आने वालों से लाइसेंस बनवाने के लिए पूछताछ कर रहे थे। सवा दस बजे से बाबुओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन सर्वर 11 बजे चालू हुआ। तब काम शुरू हुआ।
खास बात यह रही कि लोग कार्यालय में लाइन लगाने की बजाए बगल की दूकान में फार्म भरने के लिए लाइन में खड़े रहे। पूछताछ करने पर बाबू किसी न किसी बहाने टाल देते हैं जबकि दलालों द्वारा फार्म आदि आसानी से भरवा दिया जाता है। वहीं एआरटीओ का दफ्तर दोपहर बारह बजे तक बंद रहा। पता चला कि वे फील्ड में हैं। आरई न होने की वजह से िजम्मेदारी अधिक है।
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शु्क्रवार की सुबह दस बजे पचफेड़वा स्थित उपसंभागीय परिवहन कार्यालय पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोग जुट गए। पूछताछ काउंटर भी खुल गया लेकिन अन्य कमरों में तालाबंद रहा। हालांकि आसपास में फोटो स्टेट आदि की एक दर्जन दूकानें खुली रहीं और यहां लाइसेंस बनवाने के लिए फार्म आदि भरने का काम जारी रहा। यही नहीं कार्यालय के बाहर कुछ दलाल आने वालों से लाइसेंस बनवाने के लिए पूछताछ कर रहे थे। सवा दस बजे से बाबुओं के आने का सिलसिला शुरू हुआ, लेकिन सर्वर 11 बजे चालू हुआ। तब काम शुरू हुआ।
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खास बात यह रही कि लोग कार्यालय में लाइन लगाने की बजाए बगल की दूकान में फार्म भरने के लिए लाइन में खड़े रहे। पूछताछ करने पर बाबू किसी न किसी बहाने टाल देते हैं जबकि दलालों द्वारा फार्म आदि आसानी से भरवा दिया जाता है। वहीं एआरटीओ का दफ्तर दोपहर बारह बजे तक बंद रहा। पता चला कि वे फील्ड में हैं। आरई न होने की वजह से िजम्मेदारी अधिक है।
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