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शुरू हो गई बिजली की आंख मिचौली
Chandauli
Updated Mon, 19 May 2014 05:30 AM IST
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धानापुर। लोकसभा चुनाव बीतते ही बिजली की आंख मिचौली का खेल शुरू हो गया है। जिससे लोगों के रात की नींद और दिन का चैन पूरी तरह से छिन गया है। विद्युत आपूर्ति की इस दुर्व्यवस्था से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। यदि समय रहते इसमें सुधार नहीं किया गया तो लोगों का गुस्सा बढ़ सकता है।
लोकसभा चुनाव के दौरान शहरी और कस्बाई इलाकों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह टनाटन रही। लोगों को रात दिन मिलाकर 16 से 18 घंटे तक बिजली मिल रही थी। जिससे किसान, व्यापारी तथा छात्र-छात्राओं के साथ ही सभी लोग काफी खुश नजर आ रहे थे। लेकिन जैसे ही चुनाव ओर मतगणना का कार्य संपन्न हुआ वैसे ही विद्युत आपूर्ति का सिलसिला अपने पुराने ढर्रे पर वापस लौट आया और बिजली के आंख मिचौली का खेल शुरू हो गया। रात और दिन में कब बिजली आएगी और कब चली जाएगी इसका पता ही नहीं चल पाता।
विद्युत आपूर्ति दुर्व्यवस्था के कारण इस उमस भरी गर्मी में लोगों का काफी बुरा हाल है। जिसके चलते लोग न दिन में और ना ही रात में सो पा रहे हैं। काफी इंतजार के बाद लगभग 12 बजे रात में बिजली आती है तथा भोर तक के बीच में कई बार आती जाती रहती है। दिन में तो बिजली आने का कोई वक्त ही निर्धारित नहीं है। बिजली आएगी कि नहीं इसका कोई ठिकाना ही नहीं है। व्यापारी गोविंद रस्तोगी ने कहा कि विद्युत कटौती से व्यापार पर असर पड़ रहा है। साथ ही उमसभरी गर्मी में लोगों को काफी दिक्कतों से रूबरू होना पड़ रहा है। मनोज कुमार दुबे का कहना रहा कि चुनाव तक तो खूब बिजली मिल रही थी, लेकिन चुनाव खत्म होते ही बिजली आपूर्ति का पुराना ढर्रा शुरू हो गया। लब्बोलुआब यही कहना अफरोज ऊर्फ मुन्ना का भी रहा।
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वर्जन
विद्युत आपूर्ति का रोस्टर ऊपर से निर्धारित होता है और उसी के हिसाब से अलग-अलग क्षेत्रों में विद्युत की सप्लाई की जाती है। रही बात कटौती की तो भोजापुर रेलवे क्रासिंग के पास अंडर ग्राउंड विद्युत केबिल में आई गड़बड़ी के चलते हो रही है। हालांकि खराबी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है दुरुस्त होने के बाद कटौती में सुधार करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। मुखराम कुशवाहा अवर अभियंता विद्युत निगम धानापुर।
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लोकसभा चुनाव के दौरान शहरी और कस्बाई इलाकों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह टनाटन रही। लोगों को रात दिन मिलाकर 16 से 18 घंटे तक बिजली मिल रही थी। जिससे किसान, व्यापारी तथा छात्र-छात्राओं के साथ ही सभी लोग काफी खुश नजर आ रहे थे। लेकिन जैसे ही चुनाव ओर मतगणना का कार्य संपन्न हुआ वैसे ही विद्युत आपूर्ति का सिलसिला अपने पुराने ढर्रे पर वापस लौट आया और बिजली के आंख मिचौली का खेल शुरू हो गया। रात और दिन में कब बिजली आएगी और कब चली जाएगी इसका पता ही नहीं चल पाता।
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विद्युत आपूर्ति दुर्व्यवस्था के कारण इस उमस भरी गर्मी में लोगों का काफी बुरा हाल है। जिसके चलते लोग न दिन में और ना ही रात में सो पा रहे हैं। काफी इंतजार के बाद लगभग 12 बजे रात में बिजली आती है तथा भोर तक के बीच में कई बार आती जाती रहती है। दिन में तो बिजली आने का कोई वक्त ही निर्धारित नहीं है। बिजली आएगी कि नहीं इसका कोई ठिकाना ही नहीं है। व्यापारी गोविंद रस्तोगी ने कहा कि विद्युत कटौती से व्यापार पर असर पड़ रहा है। साथ ही उमसभरी गर्मी में लोगों को काफी दिक्कतों से रूबरू होना पड़ रहा है। मनोज कुमार दुबे का कहना रहा कि चुनाव तक तो खूब बिजली मिल रही थी, लेकिन चुनाव खत्म होते ही बिजली आपूर्ति का पुराना ढर्रा शुरू हो गया। लब्बोलुआब यही कहना अफरोज ऊर्फ मुन्ना का भी रहा।
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विद्युत आपूर्ति का रोस्टर ऊपर से निर्धारित होता है और उसी के हिसाब से अलग-अलग क्षेत्रों में विद्युत की सप्लाई की जाती है। रही बात कटौती की तो भोजापुर रेलवे क्रासिंग के पास अंडर ग्राउंड विद्युत केबिल में आई गड़बड़ी के चलते हो रही है। हालांकि खराबी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है दुरुस्त होने के बाद कटौती में सुधार करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। मुखराम कुशवाहा अवर अभियंता विद्युत निगम धानापुर।