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चकिया में वटवृक्ष तले झंकृत हुई कजरी
Chandauli
Updated Thu, 12 Sep 2013 05:36 AM IST
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चकिया। शताब्दी वर्ष में उपजिलाधिकारी आवास परिसर में वटवृक्ष तले गीत कजरी के मीठे बोल झंकृत हुए। विषय आधारित प्रस्तुति में कजरी के विविध गीत विधाओं के दर्शन हुए। जिससे आम जनमानस अविभूत हो उठा।
कजरी महोत्सव की विषय अधारित प्रतियोगिता के उद्घाटन के बाद चंदौली गांव के बाल गायक पंकज तिवारी तथा अनामिका ने सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात विषय आधारित कजरी की भी प्रस्तुति की। प्रतियोगिता के आरंभिक चरण में धानापुर के पप्पू राजा विषय आधारित कजरी के अतिरिक्त सोहर की अभिनव प्रस्तुति की। इसके बाद गौरीशंकर सैदूपुर अरमान चंचल आजमगढ़, मोहम्मद इस्लाम धर्मदेवा मिर्जापुर, सानिया मंसूर हाजीपुर, गुड्डू विश्वकर्मा बिहार, रामजन्म भारती मुबारकपुर व सिंधू भाईपुर में गीत प्रस्तुत किए। कजरी के सिद्धकंठ गायकों ने इसके विविध आयामों को प्रतियोगिता के दौरान उकेरा, निर्धारित विषय वस्तु गंगा मईली भईली हमार...। नारी के अस्मिता पड़ल हव...। गायक कलाकारों ने ढुनमुनियां मिर्जापुरी, बनारसी झूमर, शायरी कजरी के गायन की विविध शैलियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और जनता की तालियां बटोरने में कामयाबी हासिल की। कजरी प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में वृजराज उपाध्याय, वृजबिहारी सिंह अमित तथा हरिवंश सिंह बवाल शामिल रहे, जो गीत संगीत साज आवाज प्रस्तुतिकरण तथा साहित्य के आधार पर निर्धारित डेढ़ सौ अंकों में से प्रतिभागियों के भाग्य का निर्णय करेंगे। संचालन डा. हौसिला प्रसाद द्विवेदी ने किया।
इनसेट
ग्राम्य संस्कृति का आधार स्तंभ है कजरी
विधायक ने किया कजरी महोत्सव का शुभारंभ
चकिया। कजरी वर्षा ऋतु की रागात्मक अभिव्यक्ति है, जो मानव मन को तरंगित करने में सक्षम है। उक्त विचार स्थानीय उपजिलाधिकारी आवास परिसर में वटवृक्ष के नीचे ऐतिहासिक कजरी महोत्सव का फीता काटकर उद्घाटन करने के बाद क्षेत्रीय विधायक पूनम सोनकर ने व्यक्त किए।
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उन्होंने कहा कि कजरी महोत्सव चकिया की परंपरा का हिस्सा है। इस अक्षुण्य रखने का प्रयास नगर पंचायत द्वारा किया जा रहा है, जो सराहनीय कदम है। उन्होंने इस महोत्सव को चकिया की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का आधा स्तंभ बताया तथा इसको सुरक्षित करने में पूरा योगदान देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी रामाश्रय सिंह, सीओ श्यामदेव बिंद, तहसीलदार संजय कुमार सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष रीता चौबे, विधायक प्रतिनिधि अमित सोनकर, ईओ अशोक मिश्रा, रामसेवक यादव, डा. प्रदीप मौर्य, बहादुर पटेल, रविप्रकाश चौबे, पवन जायसवाल, अनिल सोनकर आदि गणमान्य नागरिक, नगर पंचायत कर्मी उपस्थित थे।
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कजरी महोत्सव की विषय अधारित प्रतियोगिता के उद्घाटन के बाद चंदौली गांव के बाल गायक पंकज तिवारी तथा अनामिका ने सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात विषय आधारित कजरी की भी प्रस्तुति की। प्रतियोगिता के आरंभिक चरण में धानापुर के पप्पू राजा विषय आधारित कजरी के अतिरिक्त सोहर की अभिनव प्रस्तुति की। इसके बाद गौरीशंकर सैदूपुर अरमान चंचल आजमगढ़, मोहम्मद इस्लाम धर्मदेवा मिर्जापुर, सानिया मंसूर हाजीपुर, गुड्डू विश्वकर्मा बिहार, रामजन्म भारती मुबारकपुर व सिंधू भाईपुर में गीत प्रस्तुत किए। कजरी के सिद्धकंठ गायकों ने इसके विविध आयामों को प्रतियोगिता के दौरान उकेरा, निर्धारित विषय वस्तु गंगा मईली भईली हमार...। नारी के अस्मिता पड़ल हव...। गायक कलाकारों ने ढुनमुनियां मिर्जापुरी, बनारसी झूमर, शायरी कजरी के गायन की विविध शैलियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और जनता की तालियां बटोरने में कामयाबी हासिल की। कजरी प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में वृजराज उपाध्याय, वृजबिहारी सिंह अमित तथा हरिवंश सिंह बवाल शामिल रहे, जो गीत संगीत साज आवाज प्रस्तुतिकरण तथा साहित्य के आधार पर निर्धारित डेढ़ सौ अंकों में से प्रतिभागियों के भाग्य का निर्णय करेंगे। संचालन डा. हौसिला प्रसाद द्विवेदी ने किया।
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ग्राम्य संस्कृति का आधार स्तंभ है कजरी
विधायक ने किया कजरी महोत्सव का शुभारंभ
चकिया। कजरी वर्षा ऋतु की रागात्मक अभिव्यक्ति है, जो मानव मन को तरंगित करने में सक्षम है। उक्त विचार स्थानीय उपजिलाधिकारी आवास परिसर में वटवृक्ष के नीचे ऐतिहासिक कजरी महोत्सव का फीता काटकर उद्घाटन करने के बाद क्षेत्रीय विधायक पूनम सोनकर ने व्यक्त किए।
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उन्होंने कहा कि कजरी महोत्सव चकिया की परंपरा का हिस्सा है। इस अक्षुण्य रखने का प्रयास नगर पंचायत द्वारा किया जा रहा है, जो सराहनीय कदम है। उन्होंने इस महोत्सव को चकिया की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का आधा स्तंभ बताया तथा इसको सुरक्षित करने में पूरा योगदान देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी रामाश्रय सिंह, सीओ श्यामदेव बिंद, तहसीलदार संजय कुमार सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष रीता चौबे, विधायक प्रतिनिधि अमित सोनकर, ईओ अशोक मिश्रा, रामसेवक यादव, डा. प्रदीप मौर्य, बहादुर पटेल, रविप्रकाश चौबे, पवन जायसवाल, अनिल सोनकर आदि गणमान्य नागरिक, नगर पंचायत कर्मी उपस्थित थे।
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