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जिले में धड़ल्ले से फल-फूल रहा पटाखे का अवैध कारोबार
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चंदौली। जिले में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों का कारोबार चोरी छिपे खूब फल-फूल रहा है। लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं है। महकमा तभी जागता है जब कोई बड़ी घटना होती है। तब छापेमारी कर फिर आगे की कार्रवाई करने से पुलिस भूल जाती है। पिछले दो साल मेें पुलिस ने अवैध ढंग से पटाखे का कारोबार करने वालों के यहां छापेमारी कर चुकी है लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हुई। इसमें एक महिला भी झुलस चुकी है। जबकि वर्ष 2007 में विस्फोट से दो लोगों की मौत हो चुकी है। जबक पीडीडीयू नगर के एक कारोबारी को बनाने और बेचने का लाइसेंस है। पटाखे से विस्फोट और आगजनी जैसी घटना होने के बाद प्रशासन के पास इतने संसाधन नहीं है कि इस पर काबू पा सके।
सैयदराजा पुलिस ने 17 अक्तूबर 2017 को उपनिरीक्षक सुनील कुमार चौरसिया ने नगर पंचायत के एक मोहल्ले में छापा मारकर अवैध पटाखा फैक्ट्री का खुलासा किया था। इसमें एक आरोपी को मौके से दबोच लिया गया और दो पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए थे। इस दौरान पुलिस को भारी मात्रा में अवैध पटाखे और प्रतिबंधित सामग्री मिली थी। वहीं सैयदराजा के दो व्यवसायी सात फरवरी 2007 में सवारी गाड़ी में पटाखा लेकर पीडीडीयू नगर की ओर आ रहे थे। तभी अलीनगर के झांसी गांव के पास जीटी रोड पर विस्फोट हो गया था और दो लोगों की मौत हो गई थी। घटना में चालक बच गया था।
मुलगसराय कोतवाली पुलिस ने वर्ष 20 मार्च 2018 को दुलहीपुर के मढ़िया गांव में छापेमारी करके लगभग एक कुंतल पटाखे बनाने का समान बरामद किया था। इसमें वाराणसी निवासी उस्मान उर्फ गुड्डू तथा अब्दुल्ला उर्फ पप्पू को गिरफ्तार किया। जो किराए के मकान में रहकर पटाखा बनाने का कार्य कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने दोबारा छापेमारी करने की जरूरत नहीं समझी। इसी तरह 28 फरवरी 2017 को चकिया कोतवाली के समीप एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट होने एक महिला की मौत हो गई थी और छह वर्षीय खुशी झुलस गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने दो लोगों को नामजद भी किया। लेकिन इसके बाद पुलिसिया कार्रवाई धीरे धीरे ठंडे बस्ते में चली गई।
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अवैध पटाखा फैक्ट्री चलाने वालों के खिलाफ समय-समय पर जांच पड़ताल की जाती है। अवैध ढंग से पटाखा बनाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। ऐसी शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ गैंगेस्टर की कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। संतोष कुमार सिंह, एसपी चंदौली।
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सैयदराजा पुलिस ने 17 अक्तूबर 2017 को उपनिरीक्षक सुनील कुमार चौरसिया ने नगर पंचायत के एक मोहल्ले में छापा मारकर अवैध पटाखा फैक्ट्री का खुलासा किया था। इसमें एक आरोपी को मौके से दबोच लिया गया और दो पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए थे। इस दौरान पुलिस को भारी मात्रा में अवैध पटाखे और प्रतिबंधित सामग्री मिली थी। वहीं सैयदराजा के दो व्यवसायी सात फरवरी 2007 में सवारी गाड़ी में पटाखा लेकर पीडीडीयू नगर की ओर आ रहे थे। तभी अलीनगर के झांसी गांव के पास जीटी रोड पर विस्फोट हो गया था और दो लोगों की मौत हो गई थी। घटना में चालक बच गया था।
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मुलगसराय कोतवाली पुलिस ने वर्ष 20 मार्च 2018 को दुलहीपुर के मढ़िया गांव में छापेमारी करके लगभग एक कुंतल पटाखे बनाने का समान बरामद किया था। इसमें वाराणसी निवासी उस्मान उर्फ गुड्डू तथा अब्दुल्ला उर्फ पप्पू को गिरफ्तार किया। जो किराए के मकान में रहकर पटाखा बनाने का कार्य कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने दोबारा छापेमारी करने की जरूरत नहीं समझी। इसी तरह 28 फरवरी 2017 को चकिया कोतवाली के समीप एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट होने एक महिला की मौत हो गई थी और छह वर्षीय खुशी झुलस गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने दो लोगों को नामजद भी किया। लेकिन इसके बाद पुलिसिया कार्रवाई धीरे धीरे ठंडे बस्ते में चली गई।
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अवैध पटाखा फैक्ट्री चलाने वालों के खिलाफ समय-समय पर जांच पड़ताल की जाती है। अवैध ढंग से पटाखा बनाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। ऐसी शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ गैंगेस्टर की कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। संतोष कुमार सिंह, एसपी चंदौली।