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मजदूरों की समस्या को लेकर निकाला जुलूस
Updated Fri, 30 Jun 2017 01:27 AM IST
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चंदौली। सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन ने मजदूरों की समस्या को लेकर गुरुवार को बिछियां स्थित धरनास्थल से जुलूस निकाला। इस दौरान सीटू कार्यकर्ताओं ने केन्द्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण मजदूर वर्ग काफी परेशान है। मनर1ेगा में मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है, वहीं जनपद के वृक्षविहीन पहाड़ों पर पत्थर तोड़कर आजीविका लगाने वाले गरीब परिवारों की आजीविका प्रशासन ने छीन ली है। ऐसे में मजदूर वर्ग काफी व्यथित है। मांग की कि मजदूरों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। अंत में एडीएम बच्चा लाल को पत्रक सौंपा।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि जनपद के अन्दर चकिया के वृक्ष विहीन पहाड़ियों पर वर्षों से हजारों मजदूर पत्थर तोड़कर अपनी जिन्दगी का गुजर-बसर करते चले आ रहे हैं। वर्तमान में खनन बंद कर दिए जाने से उनकी आजीविका छिन गयी। मजदूरों की समस्या को देखते हुए वृक्ष विहीन पहाड़ियों पर पत्थर खनन की अनुमति नितांत आवश्यक है। चकिया-मुगलसराय मार्ग पर चकिया के वृक्ष विहीन पहाड़ियों से टूटने वाले पत्थरों को ले आने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे जिले के राजस्व पर व मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी काफी असर पड़ता है। इसे ध्यान में रखकर चकिया-मुगलसराय पर लगा प्रतिबंध तत्काल हटाया जाए। रामप्यारे यादव ने कहा कि पंजीकृत लाल झंडा पत्थर खदान यूनियन, पत्थर तोड़ने वाले मजदूरों का नेतृत्व करती है। लाल झंडा पत्थर खदान यूनियन के नेताओं पर लगा फर्जी मुकदमा वापस लिया जाए। जनपद में मिड-डे-मील योजना अंतर्गत वर्षों से कार्यरत रसोइयों को हटाया न जाए। सभी परिषदीय विद्यालयों में गैस चुल्हे उपलब्ध कराये गए हैं, लेकिन 90 प्रतिशत से भी ज्यादा विद्यालयों में पिछले साल गैस चुल्हे द्वारा नियमित भोजन नहीं बनता पाया गया। इसे देखते हुए अगले सत्र में सभी विद्यालयों में गैस चुल्हे पर भोजन बनवाया जाए। मिड-डे-मील योजना में कार्यरत रसोइयों का मानदेय नियमित दिया जाए। मिड-डे-मील में कार्यरत सभी रसोइयों को पात्र गृहस्थी कार्ड अवश्य दिया जाए। कहा कि निर्माण कार्य में लगे मजदूरों का रजिस्ट्रेशन 15 दिन के अंदर किया जाए। इसके अलावा फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के हितों का भी ध्यान रखा जाए। इस अवसर पर चौथी पासवान, रामकेस सिंह, महेश राम, बृजेश, नन्दकिशोर, निरंजन, आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता कन्हैया यादव व संचालन नन्दलाल ने किया।
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इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि जनपद के अन्दर चकिया के वृक्ष विहीन पहाड़ियों पर वर्षों से हजारों मजदूर पत्थर तोड़कर अपनी जिन्दगी का गुजर-बसर करते चले आ रहे हैं। वर्तमान में खनन बंद कर दिए जाने से उनकी आजीविका छिन गयी। मजदूरों की समस्या को देखते हुए वृक्ष विहीन पहाड़ियों पर पत्थर खनन की अनुमति नितांत आवश्यक है। चकिया-मुगलसराय मार्ग पर चकिया के वृक्ष विहीन पहाड़ियों से टूटने वाले पत्थरों को ले आने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे जिले के राजस्व पर व मजदूरों की रोजी-रोटी पर भी काफी असर पड़ता है। इसे ध्यान में रखकर चकिया-मुगलसराय पर लगा प्रतिबंध तत्काल हटाया जाए। रामप्यारे यादव ने कहा कि पंजीकृत लाल झंडा पत्थर खदान यूनियन, पत्थर तोड़ने वाले मजदूरों का नेतृत्व करती है। लाल झंडा पत्थर खदान यूनियन के नेताओं पर लगा फर्जी मुकदमा वापस लिया जाए। जनपद में मिड-डे-मील योजना अंतर्गत वर्षों से कार्यरत रसोइयों को हटाया न जाए। सभी परिषदीय विद्यालयों में गैस चुल्हे उपलब्ध कराये गए हैं, लेकिन 90 प्रतिशत से भी ज्यादा विद्यालयों में पिछले साल गैस चुल्हे द्वारा नियमित भोजन नहीं बनता पाया गया। इसे देखते हुए अगले सत्र में सभी विद्यालयों में गैस चुल्हे पर भोजन बनवाया जाए। मिड-डे-मील योजना में कार्यरत रसोइयों का मानदेय नियमित दिया जाए। मिड-डे-मील में कार्यरत सभी रसोइयों को पात्र गृहस्थी कार्ड अवश्य दिया जाए। कहा कि निर्माण कार्य में लगे मजदूरों का रजिस्ट्रेशन 15 दिन के अंदर किया जाए। इसके अलावा फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के हितों का भी ध्यान रखा जाए। इस अवसर पर चौथी पासवान, रामकेस सिंह, महेश राम, बृजेश, नन्दकिशोर, निरंजन, आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता कन्हैया यादव व संचालन नन्दलाल ने किया।
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