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पूर्व विधायक सहित कई संगठनों ने दिया लेखपालों को समर्थन
Updated Fri, 13 Jul 2018 01:17 AM IST
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चंदौली। आठ सूत्री मांगों के समर्थन में लेखपालों ने गुरुवार को चौथे दिन भी विकास भवन के समीप धरना दिया। धरनारत लेखपालों ने शासन प्रशासन के खिलाफ भड़ास निकाली। वहीं पूर्व विधायक छब्बू पटेल, अमीन संघ के प्रदेश महामंत्री अजीत सिंह और कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष राम नगीना ने धरना स्थल पर पहुंच लेखपालों के आंदोलन को समर्थन दिया और उनकी लड़ाई में सहयोग करने का आश्वासन दिया।
धरन को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सियाराम ने कहा कि लेखपाल अपनी जायज मांगों को लेकर सरकार से कई बार गुहार लगाई गई। लेकिन प्रदेश सरकार उनकी मांगों पूरा करने के बजाय उनके आंदोलन को तोड़ने पर लगी है। जिसके चलते जिला प्रशासन प्रशिक्षु लेखपालों को आंदोलन से हटने के लिए सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया है। कहा कि राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी में शामिल लेखपाल आज शासन प्रशासन की उपेक्षा के चलते आंदोलन की राह पर हैं। ऐसे में लेखपाल अपनी मांगों को पूरा कराए बिना आंदोलन को समाप्त नहीं करेंगे। चेताया कि अगर सरकार और जिला प्रशासन ने उनके खिलाफ कोई साजिश किया तो लेखपाल उग्र आंदोलन की राह अपना सकते है। इस दौरान लोकेश द्विवेदी, सीताराम प्रजापति, रामकेश, सुरेश, तौफीक, चंदन, धनंजय जायसवाल, सूर्य प्रकाश, गुलाब, सुजीत, विनिता, ज्योति, त्रिलोकी, संजय, वासुदेव मौजूद थे।
धरन को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सियाराम ने कहा कि लेखपाल अपनी जायज मांगों को लेकर सरकार से कई बार गुहार लगाई गई। लेकिन प्रदेश सरकार उनकी मांगों पूरा करने के बजाय उनके आंदोलन को तोड़ने पर लगी है। जिसके चलते जिला प्रशासन प्रशिक्षु लेखपालों को आंदोलन से हटने के लिए सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया है। कहा कि राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी में शामिल लेखपाल आज शासन प्रशासन की उपेक्षा के चलते आंदोलन की राह पर हैं। ऐसे में लेखपाल अपनी मांगों को पूरा कराए बिना आंदोलन को समाप्त नहीं करेंगे। चेताया कि अगर सरकार और जिला प्रशासन ने उनके खिलाफ कोई साजिश किया तो लेखपाल उग्र आंदोलन की राह अपना सकते है। इस दौरान लोकेश द्विवेदी, सीताराम प्रजापति, रामकेश, सुरेश, तौफीक, चंदन, धनंजय जायसवाल, सूर्य प्रकाश, गुलाब, सुजीत, विनिता, ज्योति, त्रिलोकी, संजय, वासुदेव मौजूद थे।
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