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वर्मी कंपोस्ट यूनिट की स्थापना पर जोर
Updated Sun, 04 Feb 2018 01:16 AM IST
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चंदौली। कृषि प्राविधिक सहायकों की बैठक शनिवार को विकास भवन सभागार में हुई। इसमें जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए वर्मी कंपोस्ट यूनिट की स्थापना के लिए रणनीति तैयार की गई। साथ ही छूटे किसानों का पंजीकरण कराने पर जोर दिया गया। प्राविधिक सहायकों और बीज गोदाम प्रभारियों ने रबी फसलों की देखभाल और रोग व कीटों की रोकथाम पर भी चर्चा की।
वरिष्ठ प्राविधिक सहायक सदानंद पांडेय ने कहा कि मृदा में जीवांश की मात्रा बढ़ाने के उद्देश्य से जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत जिले के 1425 किसानों के यहां बर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक 251 किसानों का चयन किया जा चुका है। वहीं किसानों के बैंक खाते में छह हजार रुपये की अनुदान राशि भेजी जा रही है। कहा कि प्राविधिक सहायक लक्ष्य को पूरा करने के लिए किसानों के चयन में तेजी लाएं। कहा कि जनपद में करीब 90 प्रतिशत किसानों के पंजीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने प्राविधिक सहायकों से गेहूं, दलहनी व तिलहनी फसलों में कीट व रोग के बारे में जानकारी ली। वहीं अरहर की फसल में कीटों का प्रकोप होने पर मोनोक्रोटोफास, साइपर मेथलिन का पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी। इस अवसर पर जयप्रकाश पाठक, कृष्ण प्रताप सिंह, केशव कुमार, राघवेंद्र प्रताप सिंह आदि रहे।
वरिष्ठ प्राविधिक सहायक सदानंद पांडेय ने कहा कि मृदा में जीवांश की मात्रा बढ़ाने के उद्देश्य से जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत जिले के 1425 किसानों के यहां बर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक 251 किसानों का चयन किया जा चुका है। वहीं किसानों के बैंक खाते में छह हजार रुपये की अनुदान राशि भेजी जा रही है। कहा कि प्राविधिक सहायक लक्ष्य को पूरा करने के लिए किसानों के चयन में तेजी लाएं। कहा कि जनपद में करीब 90 प्रतिशत किसानों के पंजीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने प्राविधिक सहायकों से गेहूं, दलहनी व तिलहनी फसलों में कीट व रोग के बारे में जानकारी ली। वहीं अरहर की फसल में कीटों का प्रकोप होने पर मोनोक्रोटोफास, साइपर मेथलिन का पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी। इस अवसर पर जयप्रकाश पाठक, कृष्ण प्रताप सिंह, केशव कुमार, राघवेंद्र प्रताप सिंह आदि रहे।
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