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हगामा
Updated Sun, 11 Jun 2017 01:27 AM IST
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चंदौली। मुख्यालय के नाराज व्यापारियों ने मुआवजे की मांग को लेकर शनिवार को सर्विस रोड पर कार्य करने गए हाइवे प्राधिकरण के कर्मचारियों को कार्य करने से रोक दिया। इस दौरान उन्होंने हाइवे प्राधिकरण के कर्मचारियों और अधिकारियों से मुआवजे की मांग की और जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अफसरों ने एसडीएम सदर को अवगत कराया और तहसील परिसर पहुंचकर व्यापारियों संग बैठक की। इस दौरान व्यापारियों ने हाइवे द्वारा की गई तोड़फोड़ का मुआवजा मांगा। काफी जद्दोजहद के बाद व्यापारियों के माने जाने के बाद कार्य प्रारंभ हुआ।
व्यापारियों का कहना था कि हाइवे प्राधिकरण ने निर्धारित 17 मीटर से अधिक एरिया को कवर करते हुए तोड़फोड़ की। इस कारण व्यापारियों की दूकानें और मकानें क्षतिग्रस्त हो गई। जिससे हम सभी को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। इतना ही नहीं, हाइवे प्राधिकरण द्वारा बिना नोटिस के तोड़फोड़ किए जाने से मकानों और दुकानों में रखा सामान भी मलबे में दबकर तबाह हो गया। इसके लिए सीधे तौर पर हाइवे प्राधिकरण जिम्मेदार है। व्यापारियों ने मांग की कि जमीन और मकान का व्यवसायिक सर्किल की दर से प्रभावित नगरवासियों को मुआवजा दिया जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो हम सभी हाइवे प्राधिकरण का निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। एसडीएम सदर अरविंद द्विवेदी ने कहा कि डीएम हेमंत कुमार के निर्देश पर टीम का गठन किया गया है, जो व्यापारियों के नुकसान का मूल्यांकन करेगी और इस संदर्भ में डीएम को रिपोर्ट भेजेगी। कहा कि किसी भी प्रभावित परिवार के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। आकलन और कार्य पारदर्शितापूर्ण तरीके से होगा। नए सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। इस मौके पर शेषबदन सिंह, इम्तियाज आलम, जसवंत सिंह, बचाऊ, प्रेमनारायण साहू, शुभम, हरिश्चंद्र, दीपक कुमार आदि उपस्थित रहे।
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व्यापारियों का कहना था कि हाइवे प्राधिकरण ने निर्धारित 17 मीटर से अधिक एरिया को कवर करते हुए तोड़फोड़ की। इस कारण व्यापारियों की दूकानें और मकानें क्षतिग्रस्त हो गई। जिससे हम सभी को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। इतना ही नहीं, हाइवे प्राधिकरण द्वारा बिना नोटिस के तोड़फोड़ किए जाने से मकानों और दुकानों में रखा सामान भी मलबे में दबकर तबाह हो गया। इसके लिए सीधे तौर पर हाइवे प्राधिकरण जिम्मेदार है। व्यापारियों ने मांग की कि जमीन और मकान का व्यवसायिक सर्किल की दर से प्रभावित नगरवासियों को मुआवजा दिया जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो हम सभी हाइवे प्राधिकरण का निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। एसडीएम सदर अरविंद द्विवेदी ने कहा कि डीएम हेमंत कुमार के निर्देश पर टीम का गठन किया गया है, जो व्यापारियों के नुकसान का मूल्यांकन करेगी और इस संदर्भ में डीएम को रिपोर्ट भेजेगी। कहा कि किसी भी प्रभावित परिवार के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। आकलन और कार्य पारदर्शितापूर्ण तरीके से होगा। नए सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। इस मौके पर शेषबदन सिंह, इम्तियाज आलम, जसवंत सिंह, बचाऊ, प्रेमनारायण साहू, शुभम, हरिश्चंद्र, दीपक कुमार आदि उपस्थित रहे।
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